सोमवार, 10 अगस्त 2026 को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना और चांदी दोनों की कीमतों में जोरदार उछाल देखा गया। अक्टूबर गोल्ड फ्यूचर **₹1.52 लाख** प्रति 10 ग्राम के पार चला गया, जबकि सितंबर सिल्वर फ्यूचर **₹2.34 लाख** प्रति किलोग्राम तक पहुँच गया।
भू-राजनीतिक तनाव का असर
सोने-चांदी की इस तेजी का मुख्य कारण हॉरमुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव को माना जा रहा है। जब भी दुनिया में अस्थिरता बढ़ती है, निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की ओर रुख करते हैं। इस समय की अनिश्चितता ने सोने को सहारा दिया है।
घरेलू बाजार में मजबूती
दिलचस्प बात यह है कि यह तेजी तब आई है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में थोड़ी नरमी देखी गई। इससे पता चलता है कि मौजूदा समय में घरेलू कारक और करेंसी की चाल भारतीय निवेशकों के लिए कीमतों को तय करने में बड़ी भूमिका निभा रही है।
अमेरिकी महंगाई डेटा और ब्याज दरों का खेल
अब निवेशकों की निगाहें बुधवार को आने वाले कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) और गुरुवार के प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) जैसे अमेरिकी महंगाई आंकड़ों पर टिकी हैं। ये आंकड़े यह तय करेंगे कि महंगाई कम हो रही है या फिर बढ़ी हुई है। अगर महंगाई उम्मीद से ज्यादा रहती है, तो अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है। यह सोने के लिए एक जोखिम है, क्योंकि ऊंची ब्याज दरें सोने को बॉन्ड जैसे अन्य ब्याज देने वाले निवेशों की तुलना में कम आकर्षक बना देती हैं।
डॉलर और आगे की चाल
इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर की चाल पर भी नजर रहेगी। मजबूत डॉलर आमतौर पर अन्य मुद्राओं वाले खरीदारों के लिए सोने को महंगा बनाता है, जिससे कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी सीमित हो सकती है। फिलहाल, बाजार इन सभी संकेतों पर नजर रखे हुए है और भू-राजनीतिक स्थिति व अमेरिकी ब्याज दरों की दिशा साफ होने तक कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की उम्मीद है।
