Multi Commodity Exchange (MCX) पर गोल्ड फ्यूचर्स में तेजी का माहौल है। 18 सितंबर, 2026 को सोना **₹1,53,870** के स्तर के करीब ट्रेड कर रहा है। बढ़ी हुई ट्रेडिंग एक्टिविटी और मजबूत प्राइस पैटर्न ने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है, हालांकि कमोडिटी मार्केट की वोलेटिलिटी को देखते हुए सावधानी जरूरी है।
MCX पर गोल्ड फ्यूचर्स ने एक शानदार रिकवरी दिखाई है। इससे पहले सोने ने ₹1,51,000 से ₹1,51,500 के बीच मजबूत सपोर्ट बनाया था, जिसने इसे ऊपर जाने का आधार दिया। अब सोने की कीमतें 'हायर हाई' और 'हायर लो' के पैटर्न में चल रही हैं, जिसे टेक्निकल भाषा में मार्केट की मजबूती माना जाता है।
वॉल्यूम और इंडिकेटर्स का क्या है इशारा?
गोल्ड में यह तेजी बढ़ते वॉल्यूम और ओपन इंटरेस्ट के साथ आ रही है। इसका सीधा मतलब है कि मार्केट में पार्टिसिपेंट्स की संख्या बढ़ी है। अगर इंडिकेटर्स की बात करें, तो 8-दिन और 21-दिन की मूविंग एवरेज सोने को सपोर्ट दे रही हैं। वहीं, MACD इंडिकेटर भी पॉजिटिव संकेत दे रहा है, जो बताता है कि तेजी का मोमेंटम अभी बना हुआ है।
आगे का रास्ता और रिस्क
मौजूदा ट्रेंड के हिसाब से सोना ₹1,54,600 के स्तर को छू सकता है। हालांकि, यह याद रखना जरूरी है कि कमोडिटी फ्यूचर्स बहुत वोलेटाइल होते हैं। डॉलर की चाल, महंगाई के आंकड़े और दुनिया भर के सेंट्रल बैंक की ब्याज दरों पर लिए जाने वाले फैसले सोने की कीमत पर सीधा असर डालते हैं।
ट्रेडर्स के लिए जरूरी लेवल्स
फिलहाल मार्केट की पूरी संरचना ₹1,53,000 से ₹1,53,200 के सपोर्ट जोन पर टिकी है। अगर सोना इस रेंज के नीचे फिसलता है, तो तेजी का दबाव कमजोर हो सकता है। चूंकि फ्यूचर्स ट्रेडिंग में काफी लिवरेज होता है, इसलिए रिस्क मैनेजमेंट के लिए सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल्स पर नजर रखना बहुत जरूरी है।
