ग्लोबल मार्केट में नरमी के बावजूद घरेलू बाजार में सोने की चमक बरकरार है। MCX पर गोल्ड फ्यूचर **0.84%** की तेजी के साथ **₹1,54,263** प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है, जिसकी मुख्य वजह मिडिल ईस्ट में तनाव और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी है।
बाजार का अनोखा ट्रेंड
21 सितंबर को भारतीय कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने ने सबको हैरान कर दिया। जहां अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड की कीमतें करीब 0.40% गिरकर $4,365 प्रति औंस के आसपास थीं, वहीं भारतीय बाजार में इसने 0.84% की छलांग लगाई।
तेजी की असल वजहें
इस अंतर का सबसे बड़ा कारण भारत की करेंसी और इंपोर्ट ड्यूटी का गणित है। जब रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होता है, तो भारत में सोना खरीदना महंगा हो जाता है। साथ ही, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण निवेशकों में डर का माहौल है। ऐसे में लोग सोने को एक सुरक्षित ठिकाना (Safe Haven) मानकर इसमें निवेश कर रहे हैं, जिससे ग्लोबल ब्याज दरों (US Fed Policy) का असर भी बेअसर होता दिख रहा है।
चांदी की चाल
सोने के साथ-साथ चांदी में भी रौनक दिखी। सिल्वर फ्यूचर 0.16% की तेजी के साथ ₹2,42,000 प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ। चांदी में यह तेजी मुख्य रूप से औद्योगिक मांग के कारण है।
आगे क्या करें निवेशक?
बाजार फिलहाल काफी वोलेटाइल (Volatile) है। निवेशकों को दो बड़े फैक्टर्स पर नजर रखनी चाहिए: फेड रिजर्व की ब्याज दरें और मिडिल ईस्ट का जियोपॉलिटिकल तनाव। अगर तनाव बढ़ता है, तो सोने की कीमतें ऊंचे स्तरों पर बनी रह सकती हैं।
