MCX Gold Futures: ₹1.47 लाख पर टूटे सोने के दाम, चांदी में मामूली बढ़त

COMMODITIES
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
MCX Gold Futures: ₹1.47 लाख पर टूटे सोने के दाम, चांदी में मामूली बढ़त

सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का फ्यूचर **1.4%** गिरकर लगभग **₹1.47 लाख** प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, चांदी के जुलाई वायदा (futures) में **0.92%** की बढ़त देखी गई और यह **₹2.35 लाख** प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रहा है।

सोने की कीमतों में आई गिरावट

MCX पर अगस्त डिलीवरी वाले सोने के फ्यूचर में सोमवार को नरमी देखी गई। यह 1.41% की गिरावट के साथ ₹1.47 लाख प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंच गया। दूसरी ओर, चांदी के जुलाई फ्यूचर में 0.92% की तेजी आई और यह ₹2.35 लाख प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार कर रहा था। कीमतों में इस उलटफेर के पीछे तकनीकी कारण, वैश्विक आर्थिक संकेत और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव शामिल हैं।

सोने में तकनीकी कमजोरी

विश्लेषकों का कहना है कि सोने का फ्यूचर अपने 21-दिन और 55-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (Exponential Moving Average) से नीचे चला गया है, जो अक्सर ट्रेंड की मजबूती का संकेत देते हैं। ₹1.51 लाख के सपोर्ट लेवल के टूटने से बाजार में गिरावट का दबाव बढ़ा है। चार्ट्स के अनुसार, अगर कीमतें ₹1.46 लाख के सपोर्ट को बनाए नहीं रख पाती हैं, तो यह ₹1.40 लाख के स्तर तक भी गिर सकती हैं।

निवेशकों की चिंताएं

बाजार की चाल कई बाहरी कारकों से प्रभावित हो रही है। निवेशक अमेरिका की मॉनेटरी पॉलिसी (Monetary Policy) पर बारीकी से नजर रख रहे हैं, क्योंकि ब्याज दरों में बदलाव अक्सर सोने जैसी गैर-उपज वाली संपत्तियों के मूल्य को प्रभावित करता है। अमेरिकी डॉलर की मजबूती भी एक महत्वपूर्ण कारक है, क्योंकि मजबूत डॉलर सोने को अन्य मुद्राओं के धारकों के लिए महंगा बना देता है, जिससे मांग कम हो सकती है।

इसके अलावा, पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक विकास भी एक प्रमुख चिंता का विषय बना हुआ है। ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच संभावित बातचीत की खबरों से सोने की कीमतों को थोड़ी राहत मिली थी, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास लगातार चेतावनी और तनाव ने बाजार को सतर्क कर दिया है। ये अनिश्चितताएं कमोडिटी की कीमतों में अस्थिरता ला सकती हैं।

भारत में उपभोक्ता मांग

कीमतों में अस्थिरता के बावजूद, भारत का उपभोक्ता बाजार, खासकर ज्वैलरी सेक्टर में, मजबूती दिखा रहा है। उद्योग के जानकारों का कहना है कि भारत में सोना और चांदी को सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ लंबी अवधि के निवेश के रूप में भी देखा जाता है। हालांकि बढ़ी हुई कीमतों ने कुछ उपभोक्ताओं को अधिक लागत-सचेत बना दिया है, फिर भी गुणवत्ता वाले गहनों में लगातार रुचि बनी हुई है। चांदी की सापेक्षिक सामर्थ्य (affordability) युवा खरीदारों के बीच भी बढ़ रही है।

निवेशकों के लिए ट्रैक करने योग्य मुख्य बातें

कमोडिटी बाजार पर नजर रखने वाले निवेशकों को यह देखना होगा कि क्या सोना अपने पिछले सपोर्ट लेवल को फिर से हासिल कर पाता है या वर्तमान तकनीकी गिरावट एक स्थायी गिरावट की ओर ले जाती है। निवेशक इन पर भी नजर रख सकते हैं:

  • अमेरिकी आर्थिक डेटा: मॉनेटरी पॉलिसी और महंगाई से जुड़े अपडेट जो डॉलर की मजबूती को प्रभावित कर सकते हैं।
  • भू-राजनीतिक स्थिरता: पश्चिम एशिया में किसी भी तरह का तनाव या शांति, जो सुरक्षित-संपत्ति (safe-haven) की मांग को प्रभावित कर सकता है।
  • सपोर्ट लेवल्स: क्या सोने के फ्यूचर ₹1.46 लाख के स्तर पर रुकते हैं या नीचे जाते हैं।
  • चांदी की अस्थिरता: भले ही आज चांदी में बढ़त दिखी, लेकिन व्यापक बाजार की अस्थिरता इसके मूल्य को प्रभावित कर सकती है।
Disclaimer:This article is published for informational purposes only. While reasonable efforts are made to ensure accuracy, completeness, and timeliness, readers are encouraged to independently verify information before making any decisions based on the content. The views and information presented are subject to editorial review and may be updated without notice.