घरेलू बाजार में 22 जून को सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। मजबूत होते अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ऊंची ब्याज दरें जारी रहने के संकेतों ने कीमती धातुओं की मांग को कम कर दिया। MCX गोल्ड फ्यूचर ₹1,47,239 प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि चांदी 2% से अधिक लुढ़क गई। भू-राजनीतिक तनाव कम होने से भी सुरक्षित निवेश के तौर पर कीमती धातुओं की अपील घटी है।
क्या हुआ?
22 जून को घरेलू बाजार में कीमती धातुओं (Precious Metals) में भारी गिरावट देखने को मिली। MCX पर गोल्ड फ्यूचर (अगस्त वायदा) 1.39% की गिरावट के साथ ₹1,47,239 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। वहीं, सिल्वर फ्यूचर (जुलाई वायदा) पर दबाव और भी ज्यादा रहा, जो 2.04% की कमजोरी के साथ ₹2,32,736 प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ। यह गिरावट अंतरराष्ट्रीय रुझानों के अनुरूप है, जहां स्पॉट गोल्ड की कीमतें 0.91% गिरकर $4,207.10 प्रति औंस और चांदी की कीमतें 0.52% गिरकर $65.97 प्रति औंस पर आ गईं।
कीमती धातुएं दबाव में क्यों?
इस बिकवाली का मुख्य कारण अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना है। जब डॉलर अन्य मुद्राओं के मुकाबले मजबूत होता है, तो यह सोने और चांदी को, जिनका मूल्य डॉलर में तय होता है, अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए महंगा बना देता है, जिससे अक्सर मांग में कमी आती है।
इसके अतिरिक्त, अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने संकेत दिया है कि ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं। सोने पर कोई ब्याज नहीं मिलता, इसलिए जब सरकारी बॉन्ड जैसी संपत्तियों पर ब्याज दरें ऊंची होती हैं, तो निवेशक अक्सर अपने पैसे उन ब्याज देने वाली संपत्तियों में लगा देते हैं, जिससे सोना कम आकर्षक हो जाता है। मजबूत डॉलर और ऊंची ब्याज दरों की उम्मीदों के इस संयोजन से बाजार पर दबाव बना हुआ है।
भू-राजनीतिक शांति का असर
सोने को अक्सर राजनीतिक संघर्ष या अनिश्चितता के समय मूल्य के सुरक्षित भंडार के रूप में देखा जाता है। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की खबरें इस मांग को कम कर रही हैं। जैसे-जैसे संघर्ष का कथित खतरा कम हो रहा है, जिन निवेशकों ने पहले सुरक्षा के लिए सोना खरीदा था, वे अपने पूंजी को फिर से आवंटित कर रहे हैं, जिससे कीमतों पर और दबाव पड़ रहा है।
देखने लायक टेक्निकल लेवल
ट्रेडर्स और विश्लेषकों के लिए, कुछ खास मूल्य स्तरों पर नजर है। घरेलू बाजार में, ₹1,45,000 प्रति 10 ग्राम का स्तर MCX गोल्ड फ्यूचर के लिए एक महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है। यदि कीमतें इससे नीचे गिरती हैं, तो यह और कमजोरी का संकेत दे सकता है। इसके विपरीत, ₹1,51,500 प्रति 10 ग्राम का स्तर तत्काल प्रतिरोध (Resistance) का काम कर रहा है, जहां कीमत ठीक होने की कोशिश करने पर और बढ़ने में संघर्ष कर सकती है।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
कमोडिटी बाजार पर नजर रखने वाले निवेशक आने वाले सत्रों में कुछ प्रमुख क्षेत्रों पर नजर रख सकते हैं। पहला, यूएस डॉलर इंडेक्स की चाल वैश्विक स्तर पर सोने और चांदी की कीमतों को प्रभावित करती रहेगी। दूसरा, अमेरिकी फेडरल रिजर्व से उनकी नीतिगत दिशा के बारे में अपडेट धातु के प्रदर्शन के लिए केंद्रीय रहेगा। अंत में, कच्चे तेल की कीमतों में कोई अप्रत्याशित बदलाव या मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक विकास निवेशक की भावना को तेजी से बदल सकता है, जिससे इन कीमती धातुओं में अस्थिरता आ सकती है।
