ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आई तेजी का सीधा असर सोने और चांदी पर पड़ा है। MCX पर गोल्ड की कीमतें घटकर **₹146,130** प्रति 10 ग्राम पर आ गई हैं, क्योंकि बढ़ती महंगाई ने ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंचे रहने का डर पैदा कर दिया है।
महंगाई का बढ़ा दबाव
बुधवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार के दौरान कीमती धातुओं में सुस्ती दिखी। दिसंबर गोल्ड फ्यूचर्स ₹146,130 पर ट्रेड कर रहा है, जबकि सिल्वर फ्यूचर्स फिसलकर ₹209,752 प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गया है।
कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण एनर्जी सेक्टर में उथल-पुथल है। कच्चे तेल के दाम बढ़ने से ट्रांसपोर्टेशन और मैन्युफैक्चरिंग महंगी हो रही है, जिससे महंगाई का पारा चढ़ रहा है। निवेशकों को चिंता है कि अगर महंगाई काबू में नहीं आई, तो सेंट्रल बैंक ब्याज दरों में कटौती नहीं करेंगे। ऐसी स्थिति में सोना और चांदी जैसे नॉन-ईल्डिंग एसेट्स से निवेशकों का आकर्षण कम हो जाता है।
भू-राजनीतिक तनाव और रिस्क प्रीमियम
पश्चिम एशिया में जारी जियोपॉलिटिकल अस्थिरता के कारण ऑयल टैंकर रूट्स को लेकर खतरा बढ़ गया है। इस अनिश्चितता ने कमोडिटी बाजार में रिस्क प्रीमियम बढ़ा दिया है, जिससे सोने जैसे सेफ-हेवन एसेट्स अपनी तेजी बरकरार नहीं रख पा रहे हैं।
टेक्निकल चार्ट क्या कहता है?
मार्केट एक्सपर्ट्स अब सपोर्ट लेवल्स पर नजर गड़ाए हुए हैं:
- सोना (Gold): यदि भाव ₹145,750 के सपोर्ट से नीचे फिसलता है, तो यह ₹144,980 तक जा सकता है।
- चांदी (Silver): इमीडिएट सपोर्ट ₹208,570 पर है। इसके नीचे जाने पर भाव ₹205,650 की ओर बढ़ सकते हैं, जबकि ₹213,920 के ऊपर जाने पर ही ट्रेंड में सुधार की उम्मीद है।
ग्लोबल मार्केट में भी सुस्ती का माहौल है। इंटरनेशनल कॉमेक्स (Comex) गोल्ड फ्यूचर्स $4,139 प्रति औंस और चांदी $57.57 प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रही है। अब निवेशकों की नजर सेंट्रल बैंकों के अगले फैसलों पर टिकी है।
