गोल्ड मार्केट में पिछले एक हफ्ते में **4%** से ज्यादा की बड़ी गिरावट देखने को मिली है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के दाम फिसलकर **₹1,49,875** प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गए हैं। डॉलर की मजबूती और ट्रेजरी यील्ड में उछाल निवेशकों को पीली धातु से दूर कर रहा है।
सोने की कीमतों में इस हफ्ते बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर वायदा भाव ₹1,49,875 प्रति 10 ग्राम तक गिर गए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी स्पॉट गोल्ड $4,176 प्रति औंस के करीब कारोबार कर रहा है।
दबाव के मुख्य कारण
सोने पर दबाव की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर में आई मजबूती है। 'US डॉलर इंडेक्स' बढ़कर 101.15 पर पहुंच गया है, जिससे अन्य करेंसी रखने वालों के लिए सोना महंगा हो गया है। साथ ही, ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें $107 प्रति बैरल के पार निकल गई हैं। महंगाई के डर से फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं ने भी निवेशकों का रुझान सोने से हटाकर बॉन्ड्स की ओर मोड़ दिया है। बाजार में अक्टूबर में 68% संभावना है कि फेडरल रिजर्व फिर से ब्याज दरें बढ़ा सकता है।
टेक्निकल लेवल्स पर रखें नजर
कमोडिटी एक्सपर्ट्स के मुताबिक, घरेलू बाजार में अब ₹1,48,000 और ₹1,46,000 के सपोर्ट लेवल्स पर नजर है। अगर कीमतें इनसे नीचे जाती हैं, तो और कमजोरी आ सकती है। वहीं, ऊपर की तरफ ₹1,52,500 और ₹1,55,000 पर रेजिस्टेंस बना हुआ है।
भू-राजनीतिक हालात (Geopolitics)
हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर भी सबकी निगाहें हैं। हालांकि, फिलहाल मार्केट फेडरल रिजर्व के फैसलों को भू-राजनीतिक अनिश्चितता से अधिक महत्व दे रहा है। भविष्य में फेड की अक्टूबर मीटिंग की कमेंट्री सोने की दिशा तय करने में सबसे महत्वपूर्ण साबित होगी।
