भारतीय बुलियन मार्केट में सोमवार को सोने की कीमतों में गिरावट देखी गई, जबकि चांदी MCX पर अपनी तेजी बरकरार रखने में कामयाब रही। ग्लोबल संकेतों और जियो-पॉलिटिकल तनाव के कारण बाजार में भारी उतार-चढ़ाव बना हुआ है, जिसका सीधा असर गोल्ड लोन लेने वालों पर पड़ सकता है।
सोमवार, 5 अक्टूबर 2026 को घरेलू बुलियन मार्केट में मिला-जुला असर देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना वायदा (Gold Futures) दबाव में दिखा और यह ₹1,47,700 से ₹1,50,570 प्रति 10 ग्राम के बीच ट्रेड करता नजर आया। इसके उलट, चांदी में मजबूती बनी रही और इसके दाम ₹2,25,000 से ₹2,26,800 प्रति किलो के दायरे में रहे।
ग्लोबल संकेतों का असर
सोने और चांदी के प्रदर्शन में यह अंतर ग्लोबल इकोनॉमिक इंडिकेटर्स के कारण है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर COMEX पर सोना $4,177 प्रति औंस के करीब है, जबकि चांदी $61.10 से $61.50 प्रति औंस के आसपास बनी हुई है। बाजार की चाल अमेरिका के लेबर मार्केट डेटा, बढ़ती US ट्रेजरी यील्ड और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते जियो-पॉलिटिकल तनाव से तय हो रही है।
गोल्ड लोन लेने वालों के लिए क्या हैं खतरे?
गोल्ड लोन लेने वाले निवेशकों के लिए यह उतार-चढ़ाव चिंता का विषय हो सकता है। बैंक आमतौर पर अधिकतम 75% का लोन-टू-वैल्यू (LTV) रेश्यो बनाए रखते हैं। यदि सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट आती है, तो गिरवी रखे गए सोने की वैल्यू कम हो जाती है। ऐसी स्थिति में बैंकों की ओर से मार्जिन कॉल की स्थिति बन सकती है, जहाँ उधारकर्ताओं को लोन सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त कैश या कोलैटरल जमा करना पड़ सकता है।
आगे की राह
दिल्ली, मुंबई और चेन्नई जैसे शहरों में खुदरा ग्राहक ऊंचे दाम और टैक्स के कारण अभी 'वेट एंड वॉच' की स्थिति में हैं। आने वाले समय में निवेशकों की नजर अमेरिका के फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) के बयानों और ब्याज दरों पर बनी रहेगी। जब तक ग्लोबल माहौल स्थिर नहीं होता, निवेशकों को बाजार में अस्थिरता के लिए तैयार रहना चाहिए।
