Multi Commodity Exchange (MCX) पर कॉपर फ्यूचर्स में लगातार दूसरे हफ्ते कमजोरी देखी जा रही है। तांबे का भाव गिरकर **₹1,395** प्रति किलो के स्तर पर आ गया है, और अब बाजार की नजरें **₹1,376** के क्रिटिकल सपोर्ट लेवल पर टिकी हैं।
बाजार का हाल
MCX पर कॉपर फ्यूचर्स में इन दिनों एक बड़ा करेक्शन (Correction) देखने को मिल रहा है। पिछले कुछ समय में तांबे की कीमतें अपने ऊंचे स्तर ₹1,433 से फिसलकर ₹1,395 प्रति किलो के करीब ट्रेड कर रही हैं। यह गिरावट पिछले दो हफ्तों से जारी है, जिससे बाजार में निवेशकों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
टेक्निकल लेवल्स का खेल
फिलहाल, मार्केट पार्टिसिपेंट्स की नजर ₹1,376 के सपोर्ट लेवल पर है। टेक्निकल भाषा में कहें तो यह वो फ्लोर है, जहां से कीमतें वापस ऊपर की ओर मुड़ सकती हैं।
- तेजी के संकेत: यदि कॉपर का दाम ₹1,376 के लेवल को होल्ड करता है और यहां से रिकवर होता है, तो यह ₹1,400 से ₹1,410 के दायरे में जा सकता है। ट्रेंड को पूरी तरह पॉजिटिव होने के लिए इसे ₹1,410 के रेजिस्टेंस लेवल को तोड़ना होगा।
- गिरावट का खतरा: अगर भाव ₹1,376 के सपोर्ट से नीचे फिसलता है, तो बाजार में और बिकवाली (Selling) बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में कीमतें ₹1,350 से ₹1,355 तक गिर सकती हैं।
क्यों अहम है कॉपर?
कॉपर का इस्तेमाल कंस्ट्रक्शन, पावर और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सेक्टर में बड़े पैमाने पर होता है, इसलिए इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की सेहत का संकेत माना जाता है। फिलहाल, तांबे का ट्रेंड ग्लोबल डिमांड, US डॉलर की मजबूती और इन्वेंट्री लेवल जैसे ग्लोबल संकेतों पर निर्भर करेगा।
