MCX पर Copper Futures फिलहाल ₹1,412 के आसपास सपाट कारोबार कर रहा है, क्योंकि घरेलू बाजार में मांग अभी भी कमजोर बनी हुई है। लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) में रिकॉर्ड तेजी के बावजूद घरेलू निवेशक अभी संभलकर चल रहे हैं।
बाजार की स्थिति
MCX पर Copper फ्यूचर्स में इस वक्त सुस्त रफ्तार देखने को मिल रही है। 9 सितंबर, 2026 तक कॉन्ट्रैक्ट ₹1,412.10 प्रति किलो के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। इससे पहले सप्ताह की शुरुआत में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया था, लेकिन अब बाजार कंसोलिडेशन के दौर में है।
ग्लोबल मार्केट का असर
कॉपर की कीमतों में हालिया तेजी की मुख्य वजह लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) रही है, जहां भाव $14,615 प्रति टन के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गए थे। इसकी बड़ी वजह अमेरिका में कॉपर इम्पोर्ट पर टैरिफ की आशंका और दक्षिण अमेरिकी खदानों में सप्लाई चेन में आ रही रुकावटें हैं। साथ ही, रिन्यूएबल एनर्जी और AI डेटा सेंटर्स से लगातार बनी मांग कॉपर के भविष्य के लिए पॉजिटिव संकेत दे रही है।
टेक्निकल लेवल्स पर नजर
घरेलू स्तर पर मांग कमजोर होने की वजह से ट्रेडर्स 'वेट एंड वॉच' की स्थिति में हैं। जानकारों के मुताबिक, ₹1,360 से ₹1,394 के बीच एक मजबूत सपोर्ट ज़ोन बन रहा है। वहीं, ऊपर की तरफ ₹1,435 से ₹1,440 पर रेजिस्टेंस है। इस लेवल को पार करने के लिए बाजार में नई खरीदारी की जरूरत होगी।
निवेशकों के लिए रिस्क
कमोडिटी फ्यूचर्स ट्रेडिंग में काफी रिस्क होता है। फ्यूचर्स में लेवरेज का इस्तेमाल होता है और कॉपर के लिए 8% के करीब मार्जिन की जरूरत पड़ती है, जो बाजार के खिलाफ जाने पर नुकसान को बड़ा सकता है। जियो-पॉलिटिकल पॉलिसी और टैरिफ बदलाव कीमतों में अचानक बड़े झटके दे सकते हैं, इसलिए निवेशकों को बहुत सतर्क रहने की सलाह है।
