लिथियम की कीमतों पर दबाव: सप्लाई बढ़ी, डिमांड स्थिर

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
लिथियम की कीमतों पर दबाव: सप्लाई बढ़ी, डिमांड स्थिर

लिथियम कार्बोनेट की कीमतें छह महीने के निचले स्तर से सुधरकर लगभग **1,55,400 चीनी युआन** प्रति टन पर पहुंच गई हैं। हालांकि, प्रमुख खनन परियोजनाओं से सप्लाई बढ़ने की उम्मीद कीमतों को नीचे धकेल सकती है, लेकिन एनर्जी स्टोरेज और इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की मजबूत मांग एक सहारा बनी हुई है।

लिथियम की कीमतों में उतार-चढ़ाव का खेल

लिथियम की कीमतें फिलहाल एक अनिश्चित दौर से गुजर रही हैं। वैश्विक सप्लाई में बढ़ोतरी और स्थिर डिमांड के बीच एक कशमकश की स्थिति बनी हुई है। 18 अगस्त, 2026 तक, लिथियम कार्बोनेट की स्पॉट कीमतें 1,55,400 चीनी युआन प्रति टन के करीब पहुंच गई हैं। यह पिछले महीने 1,40,000 चीनी युआन के छह महीने के निचले स्तर से वापसी है। यह उतार-चढ़ाव बैटरी सप्लाई चेन में चल रहे बदलावों को दर्शाता है।

एनालिस्ट्स की राय और सप्लाई का दबाव

BMI, जो फिच सॉल्यूशंस का हिस्सा है, के विश्लेषकों ने 2026 के लिए चीनी लिथियम कार्बोनेट की औसत वार्षिक कीमत 20,100 अमेरिकी डॉलर प्रति टन रहने का अनुमान लगाया है। यह दूसरी तिमाही की मजबूती को दर्शाता है, लेकिन एजेंसी का यह भी मानना है कि आने वाले महीनों में कीमतें और गिर सकती हैं। इसके पीछे मुख्य कारण वैश्विक उत्पादन में अपेक्षित वृद्धि है। चीन और ऑस्ट्रेलिया में कई बड़ी खनन परियोजनाएं अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ा रही हैं, जिससे आमतौर पर कच्चे माल की कीमतों पर दबाव बढ़ता है।

डिमांड की मजबूत पकड़

सप्लाई बढ़ने की उम्मीद के बावजूद, कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को नहीं मिली है। इसकी एक बड़ी वजह एनर्जी स्टोरेज सेक्टर है, जो लगातार बड़ी मात्रा में लिथियम का उपभोग कर रहा है। इंडस्ट्री के आंकड़ों से पता चलता है कि बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) की मांग कीमतों के लिए एक मजबूत सहारा बनी हुई है। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की मांग भी खपत को स्थिर बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रही है।

चीन का नया रेगुलेटरी कदम

निवेशकों के लिए एक और अहम बात चीन का बदलता रेगुलेटरी माहौल है। सरकार ने लिथियम-आयन बैटरियों पर टैक्स छूट खत्म कर दी है। इस कदम का मकसद मैन्युफैक्चरर्स के बीच आक्रामक प्राइस-कटिंग को हतोत्साहित करना है, जिसने ऐतिहासिक रूप से इंडस्ट्री के प्रॉफिट मार्जिन को नुकसान पहुंचाया है। इससे लिथियम का इस्तेमाल करने वाली कंपनियों के लिए बिजनेस की लागत बदल सकती है।

आगे का रास्ता

भविष्य में, बाजार खनन परियोजनाओं के समय पर निर्भर रहेगा। चीन में जियानशियावो (Jianxiawo) जैसी खदानों का पूरी तरह से संचालन शुरू होना, और ऑस्ट्रेलिया व जिम्बाब्वे से निर्यात के रुझान यह तय करेंगे कि सप्लाई ग्रोथ खपत से आगे निकलती है या नहीं। निवेशकों को खदान उत्पादन, बैटरी टेक्नोलॉजी में बदलाव (जो लिथियम के उपयोग को कम कर सकते हैं), और प्रमुख बैटरी उत्पादक देशों से रेगुलेटरी घोषणाओं पर नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.