साल 2026 के मध्य में Lithium उत्पादक कंपनियों का मुनाफा तेजी से बढ़ा है, जिसकी मुख्य वजह एनर्जी स्टोरेज बैटरी की भारी मांग है। हालांकि, जानकारों ने आगाह किया है कि 2027 तक बाजार में सप्लाई बढ़ने से सरप्लस की स्थिति पैदा हो सकती है।
मुनाफे में बड़ी उछाल
Lithium सेक्टर में इस साल की पहली छमाही में शानदार वित्तीय टर्नअराउंड देखने को मिला है। Tianqi Lithium जैसी बड़ी कंपनियों ने इसका उदाहरण पेश किया है, जिसका नेट प्रॉफिट RMB 4.242 बिलियन के आंकड़े तक पहुंच गया है। यह उछाल ऐसे समय में आया है जब एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की मांग तेजी से इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के बराबर खड़ी हो रही है।
क्यों बढ़ रही है मांग?
सेक्टर में इस रैली का सबसे बड़ा कारण डिमांड का पैटर्न बदलना है। पहली छमाही में एनर्जी स्टोरेज बैटरी के शिपमेंट में 69.7% का इजाफा दर्ज किया गया है। मांग और सप्लाई के इस असंतुलन के कारण Lithium Carbonate की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जिससे माइनिंग कंपनियों को काफी फायदा मिल रहा है।
2027 में क्या है रिस्क?
बाजार के एक्सपर्ट्स और रिसर्च फर्म जैसे BMI और InfoLink Consulting ने एक चेतावनी जारी की है। विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 की दूसरी छमाही में तो कीमतें स्थिर रहेंगी, लेकिन 2027 से हालात बदल सकते हैं। दरअसल, कई नई माइनिंग और प्रोसेसिंग परियोजनाएं उस समय तक पूरी क्षमता से काम करने लगेंगी, जिससे बाजार में सप्लाई सरप्लस हो सकती है और कीमतों पर दबाव आ सकता है।
निवेशकों के लिए क्या हैं संकेत?
निवेशकों को अब Jianxiawo जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के दोबारा शुरू होने और चीन के मैन्युफैक्चरिंग हब में इन्वेंट्री लेवल पर पैनी नजर रखने की जरूरत है। इसके अलावा, सरकारी एक्सपोर्ट पॉलिसी और बैटरी टैक्स में बदलाव जैसे फैक्टर्स भी भविष्य में सेक्टर के मार्जिन को प्रभावित कर सकते हैं।
