अमेरिकी ड्यूटी में भारी कटौती, LT Foods की सब्सिडियरी को मिली संजीवनी
अमेरिका के वाणिज्य विभाग (US Department of Commerce) ने LT Foods की सब्सिडियरी Ecopure Specialities Limited को बड़ी राहत दी है। ऑर्गेनिक सोयाबीन मील के एक्सपोर्ट पर लगने वाले भारी भरकम काउंटरवेलिंग ड्यूटी (CVD) रेट को 340.27% से घटाकर 75.48% कर दिया गया है। यह फैसला ₹50 करोड़ के उन सेल्स पर लागू होता है जो 2023 के रिव्यू पीरियड (1 जनवरी, 2023 से 31 दिसंबर, 2023) के दौरान हुए थे। इस बड़ी कटौती से कंपनी को जबरदस्त फाइनेंशियल राहत मिली है और अमेरिकी बाजार में उसकी एक्सपोर्ट कॉम्पिटिटिवनेस (competitiveness) बढ़ेगी।
क्या है मामला?
अमेरिका के वाणिज्य विभाग ने 23 फरवरी, 2026 को Ecopure Specialities Limited के ऑर्गेनिक सोयाबीन मील के अमेरिका को होने वाले एक्सपोर्ट पर CVD रेट को लेकर अपना फाइनल ऑर्डर जारी किया। पहले यह ड्यूटी 'एडवर्स फैक्ट्स अवेलेबल' (AFA) मेथडोलॉजी के तहत 340.27% पर तय की गई थी, जो कि एक्सपोर्टर्स के लिए बहुत ज्यादा थी। लेकिन अब इसे घटाकर 75.48% कर दिया गया है। यह रिविजन 2023 में हुए ₹50 करोड़ के सेल्स पर आधारित है। LT Foods ने 25 फरवरी, 2026 को स्टॉक एक्सचेंजों (BSE और NSE) को इस अहम डेवलपमेंट की जानकारी दी है।
क्यों है यह अहम?
ड्यूटी रेट में यह भारी कटौती Ecopure के अमेरिका में एक्सपोर्ट को बड़ी फाइनेंशियल सहूलियत देगी। 340.27% जैसी ड्यूटी दर एक्सपोर्ट की प्रॉफिटेबिलिटी (profitability) और कॉम्पिटिटिवनेस पर गंभीर असर डाल सकती थी। 75.48% की नई दर अभी भी काफी है, लेकिन यह एक बड़ा सुधार है जो एक्सपोर्ट को कहीं ज्यादा बेहतर और व्यवहार्य बना सकता है।
पूरी कहानी (बैकग्राउंड)
अमेरिका के वाणिज्य विभाग ने अप्रैल 2021 में भारत से आने वाले ऑर्गेनिक सोयाबीन मील पर एंटी-डंपिंग (AD) और काउंटरवेलिंग ड्यूटी (CVD) की जांच शुरू की थी। जून 2025 में LT Foods ने बताया था कि Ecopure पर AFA मेथडोलॉजी के चलते 340.27% की प्रोविजनल CVD लगाई गई थी। तब कंपनी ने कहा था कि वे लीगल रेमेडीज (legal remedies) का मूल्यांकन कर रहे हैं, लेकिन उन्हें फ्यूचर अर्निंग्स पर कोई बड़ा असर आने की उम्मीद नहीं थी।
अब क्या बदलेगा?
- बेहतर एक्सपोर्ट की संभावना: घटाई गई CVD दर से Ecopure के ऑर्गेनिक सोयाबीन मील की अमेरिकी बाजार में कॉम्पिटिटिवनेस बढ़ने की उम्मीद है।
- कम हुआ फाइनेंशियल बोझ: पिछले एक्सपोर्ट्स पर Ecopure की संभावित देनदारी अब घटी हुई ड्यूटी दर के हिसाब से तय होगी, जिससे फाइनेंशियल दबाव कम होगा।
- प्रॉफिटेबिलिटी में सुधार का मौका: कम ड्यूटी के कारण एक्सपोर्ट रेवेन्यू का बड़ा हिस्सा कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन (profit margins) में जा सकता है।
जोखिम जिन पर नज़र रखें
75.48% की यह नई ड्यूटी दर अभी भी काफी ऊंची है और एक्सपोर्ट मार्जिन के लिए एक चुनौती बनी रह सकती है। इसके अलावा, अमेरिका के वाणिज्य विभाग की ओर से कोई भी अप्रत्याशित बदलाव या भविष्य की समीक्षाएं अनिश्चितता पैदा कर सकती हैं। LT Foods को इंश्योरेंस क्लेम लिटिगेशन (insurance claim litigations) जैसे अन्य जोखिमों का भी सामना करना पड़ रहा है।
अन्य कंपनियों से तुलना
LT Foods, चावल के एक्सपोर्टर्स जैसे KRBL Ltd. (दुनिया की सबसे बड़ी बासमती एक्सपोर्टर) और Adani Wilmar Ltd. (एक डायवर्सिफाइड FMCG प्लेयर) के साथ प्रतिस्पर्धी माहौल में काम करती है। KRBL और LT Foods दोनों पहले भी ट्रेड पॉलिसी (trade policy) में बदलावों और टैरिफ (tariffs) से प्रभावित हुए हैं, खासकर अमेरिका जैसे बड़े बाजारों में।
मुख्य आंकड़े
- रिव्यू पीरियड (1 जनवरी, 2023 – 31 दिसंबर, 2023) के दौरान Ecopure Specialities के अमेरिका को ऑर्गेनिक सोयाबीन मील की सेल्स ₹50 करोड़ रही।