LBMA की हालिया कॉन्फ्रेंस में विशेषज्ञों ने सोने को लेकर बेहद बुलिश अनुमान जताया है। अनुमान है कि अगले एक साल में सोने की कीमत **$5,013** प्रति औंस तक पहुंच सकती है। फिलहाल सोना **$4,140** के आसपास ट्रेड कर रहा है, जबकि निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर नजरें टिकाए हुए हैं।
बाजार की मौजूदा स्थिति और भविष्य की राह
इटली के सोरेंटो में आयोजित 'लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन' (LBMA) की वार्षिक कॉन्फ्रेंस में विशेषज्ञों ने गोल्ड के भविष्य पर अपनी राय रखी है। वर्तमान में स्पॉट गोल्ड $4,140 से $4,150 प्रति औंस के दायरे में कारोबार कर रहा है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगले 12 महीनों में यह $5,013 का आंकड़ा छू सकता है।
फेडरल रिजर्व और ब्याज दरों का दबाव
फिलहाल गोल्ड मार्केट एक कठिन दौर से गुजर रहा है। अमेरिका के 'फेडरल रिजर्व' की सख्त मॉनेटरी पॉलिसी के कारण ब्याज दरें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जिससे 'यूएस ट्रेजरी यील्ड' में बढ़त देखी जा रही है। गोल्ड पर कोई डिविडेंड या ब्याज नहीं मिलता, इसलिए ऊंची दरों के दौरान निवेशक अक्सर कैश या बॉन्ड को प्राथमिकता देते हैं। यही कारण है कि शॉर्ट टर्म में सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
क्यों बुलिश हैं एक्सपर्ट्स?
विशेषज्ञों की लंबी अवधि की तेजी की भविष्यवाणी के पीछे तीन मुख्य कारण हैं:
- बढ़ता ग्लोबल कर्ज: कई देशों पर बढ़ता सरकारी कर्ज चिंता का विषय है।
- महंगाई (Inflation): वैश्विक स्तर पर बनी हुई महंगाई गोल्ड को एक सुरक्षित एसेट के तौर पर मजबूत बना रही है।
- भू-राजनीतिक अस्थिरता: दुनिया भर में जारी तनाव के कारण निवेशक गोल्ड को करेंसी डीवैल्यूएशन से बचने के लिए 'हेज' (Hedge) के रूप में देख रहे हैं।
चांदी (Silver) पर भी बड़ी उम्मीदें
कॉन्फ्रेंस में केवल सोने ही नहीं, बल्कि चांदी को लेकर भी उत्साह दिखा। डेलिगेट्स ने अनुमान लगाया है कि आने वाले एक साल में चांदी की कीमत $97 प्रति औंस तक जा सकती है। चांदी की मांग इसके औद्योगिक उपयोग और निवेश दोनों कारणों से बढ़ने की उम्मीद है। निवेशकों को सलाह है कि वे फेडरल रिजर्व की अगली मीटिंग के मिनट्स पर नजर रखें, क्योंकि यही तय करेगा कि सोने की चाल में कितनी वोलेटिलिटी (Volatility) आने वाली है।
