Kochi Tea Auction: CIS देशों की भारी मांग से बढ़े चाय के दाम, 95% स्टॉक हुआ आउट

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Kochi Tea Auction: CIS देशों की भारी मांग से बढ़े चाय के दाम, 95% स्टॉक हुआ आउट

Kochi Tea Auction में जबरदस्त एक्शन देखने को मिल रहा है। CIS देशों की ओर से ऑर्थोडॉक्स चाय की भारी मांग के चलते **95%** उपलब्ध स्टॉक बिक गया है। केरल में खराब मौसम के कारण सप्लाई में आ रही कमी ने भी कीमतों को सहारा दिया है।

बाजार की स्थिति और मांग

Kochi चाय नीलामी बाजार में इस समय ऑर्थोडॉक्स वैरायटी की मांग आसमान छू रही है। CIS देशों के खरीदारों ने नीलामी में पेश की गई कुल 2,53,035 किलो चाय में से 95 फीसदी हिस्से को अपने नाम कर लिया है, जो कि क्वालिटी ग्रेड्स के लिए तगड़ी डिमांड को दर्शाता है। वहीं, CTC लीफ सेगमेंट में 100 फीसदी क्लीयरेंस दर्ज किया गया है, जो मिडिलमैन के बीच एक्टिव री-स्टॉकिंग का संकेत है।

सप्लाई में बाधा और कीमतों पर असर

कीमतों में इस उछाल के पीछे मुख्य वजह सीमित सप्लाई है। केरल के उत्पादन क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश और खराब मौसम के चलते लॉजिस्टिक्स में बाधाएं आ रही हैं, जिससे नीलामी फ्लोर तक पहुंचने वाली चाय की मात्रा घट गई है। एग्री-कमोडिटी में मौसम से जुड़ी यह अस्थिरता किसी भी समय कीमतों को बदल सकती है।

अलग-अलग सेगमेंट का हाल

बाजार का रुख मिला-जुला है। जहां एक तरफ ऑर्थोडॉक्स और CTC लीफ में तेजी है, वहीं CTC डस्ट मार्केट में कुछ वैल्युएशंस ₹1 से ₹2 तक फिसल गई हैं। हालांकि, केरल के कुछ नामी ब्रांड्स की पाउडर ग्रेड चाय ने इस गिरावट को मात दी है और अपनी मजबूती बनाए रखी है।

निवेश और भविष्य के संकेत

भारतीय चाय उद्योग के लिए CIS जैसे एक्सपोर्ट बाजारों पर निर्भरता एक दोधारी तलवार है। जहां यह घरेलू बाजार के दबाव से बचाता है, वहीं भू-राजनीतिक और लॉजिस्टिकल रिस्क भी साथ लाता है। निवेशकों को आने वाले हफ्तों में केरल की बारिश के पैटर्न और Tea Board of India की रिपोर्टों पर नजर रखनी चाहिए, जो तय करेंगी कि यह एक्सपोर्ट-लेड डिमांड आगे भी बरकरार रहेगी या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.