Kochi Tea Auctions में ऑर्थोडॉक्स टी की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला है। CIS और पश्चिम एशियाई देशों की भारी मांग के चलते भाव **₹4** बढ़कर **₹184** प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। वहीं, दूसरी ओर CTC डस्ट सेगमेंट में सुस्ती रही और क्लियरेंस रेट गिरकर **70%** रह गया है।
बाजार का दोहरा रुख
कोच्चि टी ऑक्शन के सेल-36 में बाजार दो अलग दिशाओं में चलता दिखा। जहां एक तरफ एक्सपोर्ट मार्केट की शानदार मांग ने ऑर्थोडॉक्स टी की कीमतों को सहारा दिया, वहीं घरेलू CTC डस्ट की मांग में नरमी देखी गई। ऑर्थोडॉक्स टी का एवरेज प्राइस पिछले हफ्ते के मुकाबले ₹4 बढ़कर ₹184 प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गया है।
एक्सपोर्ट का जोर
इस सेगमेंट की मजबूती का मुख्य कारण CIS और वेस्ट एशियन मार्केट से आ रही लगातार ऑर्डर्स हैं। कुल 1,89,521 किलोग्राम की पेशकश में से 86% चाय बिक गई, जो यह साबित करता है कि खरीदार क्वालिटी और डार्क वैरायटी को प्राथमिकता दे रहे हैं।
CTC डस्ट में सुस्ती
इसके विपरीत, CTC डस्ट सेगमेंट में ओणम के बाद का करेक्शन साफ दिखा। पैकर्स और ब्लेंडर्स की सुस्त भागीदारी के चलते 5,05,195 किलोग्राम की कुल पेशकश में से केवल 70% ही बिक पाई। यह ट्रेंड केवल कोच्चि तक सीमित नहीं है, बल्कि कोलकाता, गुवाहाटी और सिलीगुड़ी जैसे बड़े केंद्रों पर भी CTC चाय के दाम जुलाई 2026 से 15–17% तक नीचे गिरे हैं।
चुनौतियों का अंबार
टी इंडस्ट्री के लिए फिलहाल चुनौतियां कम नहीं हैं। भारी बारिश और कीटों के प्रकोप ने क्वालिटी को प्रभावित किया है, जिससे प्रीमियम भाव पाना मुश्किल हो गया है। साथ ही, वेस्ट एशिया के मौजूदा संकट के कारण पेमेंट और इंश्योरेंस लागत बढ़ रही है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि एक तरफ चाय के दाम गिर रहे हैं, तो दूसरी तरफ लेबर वेज और बोनस जैसे इनपुट खर्चे लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जिससे उत्पादकों का मुनाफा बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
