ईरान का बड़ा दांव: Hormuz पर दी छूट, अमेरिका बोला 'पहले परमाणु डील'

COMMODITIES
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
ईरान का बड़ा दांव: Hormuz पर दी छूट, अमेरिका बोला 'पहले परमाणु डील'
Overview

ईरान ने दुनिया के एक अहम तेल मार्ग, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ (Strait of Hormuz) पर नियंत्रण में ढील देने की पेशकश की है। इसके बदले में उन्होंने अमेरिका से सैन्य कार्रवाई रोकने और प्रतिबंधों (sanctions) को हटाने की मांग की है। हालांकि, अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो (Marco Rubio) ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और कहा है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम (nuclear program) पर बातचीत ही मुख्य मुद्दा होनी चाहिए।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

ईरान का ऑफर और अमेरिका का जवाब

ईरान की ओर से एक बड़ा प्रस्ताव सामने आया है। उन्होंने कहा है कि अगर अमेरिका अपनी सैन्य कार्रवाई बंद कर दे और प्रतिबंधों (sanctions) से राहत दे, तो वे स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ (Strait of Hormuz) पर अपना नियंत्रण थोड़ा ढीला करने को तैयार हैं। यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया था।

हालांकि, अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो (Marco Rubio) ने इस ऑफर को सीधे तौर पर मना कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम (nuclear program) पर बातचीत ही सबसे पहली और अहम शर्त है। रुबियो ने कहा, "हम उन्हें यह सब करने नहीं दे सकते।" उनका मुख्य जोर यह सुनिश्चित करने पर है कि ईरान परमाणु हथियार न बना सके।

परमाणु वार्ता पर टकराव

ईरान चाहता है कि परमाणु वार्ता (nuclear talks) को तब तक के लिए टाल दिया जाए, जब तक मौजूदा संघर्ष और फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में शिपिंग से जुड़े विवाद सुलझ नहीं जाते। यह अमेरिका के रुख के ठीक विपरीत है, जो किसी भी बातचीत में परमाणु मुद्दों को सबसे पहले हल करना चाहता है।

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़, जो ईरान और ओमान के बीच एक संकरा समुद्री रास्ता है, दुनिया के लगभग पांचवें (1/5th) हिस्से के तेल और गैस के व्यापार से जुड़ा है। ईरान द्वारा इस रास्ते पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण कई तेल टैंकर फंसे हुए हैं और वैश्विक सप्लाई चेन (supply chain) में बाधा आ रही है, जिससे बाजारों में चिंता बढ़ गई है।

तेल कीमतों में उछाल

इन घटनाओं के चलते ग्लोबल तेल की कीमतें (oil prices) लगातार बढ़ रही हैं। ब्रेंट क्रूड (Brent crude) के फ्यूचर $108 प्रति बैरल के पार बने हुए हैं। यह कीमत संघर्ष शुरू होने से पहले के स्तरों से काफी ज्यादा है। इस बढ़ोतरी का असर दुनिया भर के उपभोक्ताओं और अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ रहा है, खासकर उन खाड़ी देशों पर जो ऊर्जा निर्यात के लिए इस जलमार्ग पर निर्भर हैं।

इन सबके बीच, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची (Abbas Araghchi) ने कथित तौर पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) से सेंट पीटर्सबर्ग में मुलाकात की है, जहां क्षेत्रीय स्थिरता और कूटनीति (diplomacy) पर चर्चा हुई। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने पहले भी ईरान से एक "बेहतर" प्रस्ताव मिलने का संकेत दिया था, लेकिन साथ ही उन्होंने दोहराया कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार नहीं मिलना चाहिए।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.