ईरान का ऑफर और अमेरिका का जवाब
ईरान की ओर से एक बड़ा प्रस्ताव सामने आया है। उन्होंने कहा है कि अगर अमेरिका अपनी सैन्य कार्रवाई बंद कर दे और प्रतिबंधों (sanctions) से राहत दे, तो वे स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ (Strait of Hormuz) पर अपना नियंत्रण थोड़ा ढीला करने को तैयार हैं। यह प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया था।
हालांकि, अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो (Marco Rubio) ने इस ऑफर को सीधे तौर पर मना कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम (nuclear program) पर बातचीत ही सबसे पहली और अहम शर्त है। रुबियो ने कहा, "हम उन्हें यह सब करने नहीं दे सकते।" उनका मुख्य जोर यह सुनिश्चित करने पर है कि ईरान परमाणु हथियार न बना सके।
परमाणु वार्ता पर टकराव
ईरान चाहता है कि परमाणु वार्ता (nuclear talks) को तब तक के लिए टाल दिया जाए, जब तक मौजूदा संघर्ष और फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में शिपिंग से जुड़े विवाद सुलझ नहीं जाते। यह अमेरिका के रुख के ठीक विपरीत है, जो किसी भी बातचीत में परमाणु मुद्दों को सबसे पहले हल करना चाहता है।
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़, जो ईरान और ओमान के बीच एक संकरा समुद्री रास्ता है, दुनिया के लगभग पांचवें (1/5th) हिस्से के तेल और गैस के व्यापार से जुड़ा है। ईरान द्वारा इस रास्ते पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण कई तेल टैंकर फंसे हुए हैं और वैश्विक सप्लाई चेन (supply chain) में बाधा आ रही है, जिससे बाजारों में चिंता बढ़ गई है।
तेल कीमतों में उछाल
इन घटनाओं के चलते ग्लोबल तेल की कीमतें (oil prices) लगातार बढ़ रही हैं। ब्रेंट क्रूड (Brent crude) के फ्यूचर $108 प्रति बैरल के पार बने हुए हैं। यह कीमत संघर्ष शुरू होने से पहले के स्तरों से काफी ज्यादा है। इस बढ़ोतरी का असर दुनिया भर के उपभोक्ताओं और अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ रहा है, खासकर उन खाड़ी देशों पर जो ऊर्जा निर्यात के लिए इस जलमार्ग पर निर्भर हैं।
इन सबके बीच, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची (Abbas Araghchi) ने कथित तौर पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) से सेंट पीटर्सबर्ग में मुलाकात की है, जहां क्षेत्रीय स्थिरता और कूटनीति (diplomacy) पर चर्चा हुई। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) ने पहले भी ईरान से एक "बेहतर" प्रस्ताव मिलने का संकेत दिया था, लेकिन साथ ही उन्होंने दोहराया कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार नहीं मिलना चाहिए।
