सोने का बड़ा जखीरा, पर इस्तेमाल नहीं?
भारत के आम नागरिकों के पास करीब $5 ट्रिलियन (लगभग ₹400 लाख करोड़) का सोना है। यह भारत की कुल गैर-संपत्ति (Non-Property Assets) का 65% है। लेकिन, इसमें से ज़्यादातर सोना तिजोरियों और गहनों में ही पड़ा रहता है, जिसका इस्तेमाल न तो खर्च बढ़ाने में होता है और न ही निवेश में।
गोल्ड लोन में ज़बरदस्त बढ़ोतरी
इस निष्क्रिय पड़े सोने का इस्तेमाल करने का सबसे बड़ा जरिया गोल्ड लोन (Gold Loan) बन गया है। पिछले कुछ समय में गोल्ड लोन की मांग दोगुनी होकर ₹12 लाख करोड़ तक पहुंच गई है। इसका मतलब है कि लोग अब गिरवी रखकर पैसा ले रहे हैं। लेकिन, इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए भारत को बाहर से और अधिक सोना आयात (Import) करना पड़ रहा है।
फॉरेक्स रिजर्व पर असर और RBI का एक्शन
सोने के बढ़ते आयात (Import) के कारण देश का विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange Reserves) तेजी से घट रहा है। फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व (Foreign Exchange Reserves) में गिरावट को देखते हुए, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अब इस स्थिति को संभालने और रुपये को सहारा देने के लिए हस्तक्षेप कर रहा है। केंद्रीय बैंक अर्थव्यवस्था में मनी सप्लाई (Money Supply) को टाइट (Tight) कर रहा है। निवेशक अब इस बात पर नज़र रखे हुए हैं कि RBI के ये कदम क्रेडिट (Credit) की उपलब्धता और आर्थिक विकास को कैसे प्रभावित करेंगे।