Gold Import: सरकारी टैक्स बढ़ा तो अवैध सोने की तस्करी में **1,500%** का भारी उछाल

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AuthorMehul Desai|Published at:
Gold Import: सरकारी टैक्स बढ़ा तो अवैध सोने की तस्करी में **1,500%** का भारी उछाल

साल 2026 की तीसरी तिमाही में भारत में अवैध सोने का आयात बढ़कर **50 मीट्रिक टन** पर पहुंच गया है, जो पिछले साल के मुकाबले **1,500%** ज्यादा है। **15%** इंपोर्ट ड्यूटी के चलते संगठित ज्वैलरी रिटेलर्स के लिए कारोबार करना मुश्किल हो गया है।

तस्करी में क्यों आई तेजी?

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल और कंसल्टेंसी फर्म मेटल्स फोकस की रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 की तीसरी तिमाही में अवैध सोने का आंकड़ा 50 मीट्रिक टन दर्ज किया गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह महज 3 मीट्रिक टन था। यह 2023 के बाद से अनऑफिशियल गोल्ड इनफ्लो का सबसे बड़ा स्तर है। इस स्थिति के पीछे मई 2026 में सरकार द्वारा सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर 15% करना मुख्य वजह है।

बड़े ज्वेलर्स के लिए चुनौती

बड़े और ऑर्गेनाइज्ड ज्वैलरी रिटेलर्स हर नियम का पालन करते हुए टैक्स भरते हैं, जिससे उनकी लागत बढ़ जाती है। वहीं, छोटे और अनऑर्गनाइज्ड ऑपरेटर्स ग्रे मार्केट से सोना लाकर उसे सस्ता बेच रहे हैं। इससे बड़ी कंपनियों के सामने दो बड़ी मुश्किलें खड़ी हो गई हैं:

  • मार्जिन पर दबाव: अगर बड़ी कंपनियां कीमतों को कम करती हैं, तो उनका प्रॉफिट मार्जिन घट जाएगा।
  • मार्केट शेयर का नुकसान: अगर कीमतें बरकरार रखी जाती हैं, तो ग्राहक कम कीमत वाले अनऑफिशियल बाजार की तरफ मुड़ सकते हैं।

बाजार का हाल

अक्टूबर 2026 में सोने की कीमतों में 6.8% की गिरावट देखने को मिली, जिसके कारण खरीदारों ने खरीदारी से दूरी बना ली है। बाजार अब इस बात पर नजर रखे हुए है कि बड़ी कंपनियां इन्वेंट्री और प्राइसिंग को लेकर क्या रणनीति अपनाती हैं। सरकार की यह टैक्स नीति, जो ट्रेड डेफिसिट को सुधारने के लिए थी, फिलहाल संगठित कारोबार के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.