भारतीय बाज़ारों में नरमी, इंपोर्ट की उम्मीद
भारतीय बाजारों में यह नरमी कीमतों में आई बड़ी उथल-पुथल का नतीजा है। शुक्रवार, 13 फरवरी 2026 को ₹1.54 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर को छूने के बाद, हफ्ते की शुरुआत में दाम गिरकर ₹1.33 लाख प्रति 10 ग्राम तक आ गए थे। इस उतार-चढ़ाव के चलते कंज्यूमर की दिलचस्पी कम हो गई है, और जूलर्स को मेकिंग चार्ज (making charges) घटाने के बावजूद डिमांड में कोई खास सुधार नहीं दिख रहा है।
जूलर्स और डीलर्स इस उम्मीद में भी नए ऑर्डर देने से बच रहे हैं कि सरकार UAE से 80 मीट्रिक टन सोना कंसेशनल ड्यूटी (concessional duty) के तहत इंपोर्ट करने की मंजूरी दे सकती है। इंडिया-UAE कॉप्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) के तहत इस इंपोर्ट पर ड्यूटी कम लगने की उम्मीद है।
चीन में Lunar New Year का जलवा
वहीं, चीन का फिजिकल गोल्ड मार्केट (physical gold market) Lunar New Year की छुट्टियों से पहले काफी मजबूत दिख रहा है। नौ दिन की लंबी छुट्टी, जो 15 फरवरी 2026 से शुरू हुई, के मद्देनज़र वहां $8 के डिस्काउंट से लेकर $10 के प्रीमियम तक का कारोबार देखा जा रहा है। यह दिखाता है कि वहां सीजनल डिमांड (seasonal demand) काफी मजबूत है, जो भारतीय बाज़ार से बिलकुल अलग तस्वीर पेश कर रही है।
ग्लोबल फैक्टर और फ्यूचर आउटलुक
इन क्षेत्रीय डिमांड के उतार-चढ़ाव के बावजूद, ग्लोबल मार्केट में सोने और चांदी को सपोर्ट मिल रहा है। ग्लोबल इकोनॉमिक अनिश्चितता (global economic uncertainty), करेंसी में उतार-चढ़ाव और सेंट्रल बैंक की नीतियां सुरक्षित निवेश (safe-haven) के तौर पर कीमती धातुओं की मांग बढ़ा रही हैं। US डॉलर इंडेक्स (DXY) 96.60 के आसपास बना हुआ है, जो आमतौर पर सोने के विपरीत दिशा में चलता है।
एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि 2026 के अंत तक सोना $5,000 प्रति औंस तक जा सकता है, कुछ अनुमान तो इससे भी ऊपर के हैं। जनवरी 2026 में गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) में रिकॉर्ड $19 बिलियन का इनफ्लो (inflow) आया, जिससे कुल होल्डिंग 4,145 टन के ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गई।
संभावित जोखिम (Bearish View)
हालांकि, कुछ जोखिम भी मौजूद हैं। UAE से संभावित 80 मीट्रिक टन की सप्लाई लोकल कीमतों पर और दबाव डाल सकती है। वहीं, स्पॉट गोल्ड का मौजूदा लेवल, जो 13 फरवरी 2026 को करीब $4,953 प्रति औंस था, प्रॉफिट-बुकिंग (profit-booking) को बढ़ा सकता है। गोल्ड ईटीएफ में मजबूत इनफ्लो अच्छा संकेत है, लेकिन अगर यह रिवर्स होता है तो कीमतों में गिरावट आ सकती है।
आगे क्या?
आगे चलकर, एनालिस्ट्स का मानना है कि 2026 के अंत तक सोने का भाव $6,000 प्रति औंस के टारगेट को छू सकता है। J.P. Morgan, UBS और Wells Fargo जैसे बड़े इंस्टीट्यूट्स ने भी 2026 के लिए अपने टारगेट प्राइस को ऊपर बढ़ाया है, जो $5,055 से लेकर $6,300 प्रति औंस तक हैं।
