वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) के मैनेजिंग डायरेक्टर सचिन जैन ने बताया कि अक्टूबर में सोने की मांग (Gold Demand) ने भारतीय ज्वैलर्स के लिए रिकॉर्ड-तोड़ दिवाली बिक्री दर्ज कराई है, और यह सब तब हुआ जब सोने की कीमतें ऐतिहासिक रूप से ऊंचे स्तर पर थीं।
वैश्विक स्तर पर, इस साल की तीसरी तिमाही (Q3) ने 1,313 टन की अब तक की सबसे मजबूत डिमांड देखी, जिसमें 524 टन से अधिक का योगदान अकेले निवेश (Investment) की ओर से आया।
सचिन जैन ने कहा कि जहाँ ऊंची कीमतों के कारण वैश्विक स्तर पर ज्वैलरी की डिमांड में गिरावट आई, जो कि अपेक्षित था, वहीं भारत का बाजार मजबूत बना रहा। उन्होंने पिछले साल की Q3 2024 का भी ज़िक्र किया, जब 15% से घटाकर 6% की इंपोर्ट ड्यूटी कट ने मांग को बढ़ावा दिया था।
आगे 2025 के लिए, जैन का अनुमान है कि मात्रा (Volume) में 31% की गिरावट आ सकती है, लेकिन वैल्यू (Value) स्थिर रहेगी। रेवेन्यू (Revenue) लगभग ₹1.15 लाख करोड़ के आसपास रहने की उम्मीद है। इसका श्रेय दिवाली की जल्दी खरीदारी और मौसमी पैटर्न को दिया जा रहा है।
भारत में, निवेश की मांग (Investment Demand) 91.6 टन तक पहुंच गई, जिसका मूल्य ₹88,970 करोड़ था। यह मुख्य रूप से बुलियन (Bullion), बार, सिक्के और एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETFs) के रूप में था। दिलचस्प बात यह है कि सोने की रीसाइक्लिंग (Recycling) 7% कम हो गई, जिसे जैन उपभोक्ताओं के सोने में विश्वास के संकेत के रूप में देख रहे हैं। हालांकि, नए गहनों के बदले पुराने सोने के एक्सचेंज (Exchange) में 40-45% की तेज वृद्धि का अनुमान है।
अक्टूबर के इस मजबूत फेस्टिव सीजन से उम्मीद है कि यह आगामी वेडिंग सीजन (Wedding Season) के लिए भी एक सकारात्मक माहौल बनाएगा। खास तौर पर बड़े खरीदारों के बीच, जो अधिक मात्रा में गहने खरीद रहे हैं, मांग मजबूत बनी रही। जैन ने भारतीय घरों में सोने के प्रति गहरी पैठ बना चुके उपभोक्ता विश्वास (Consumer Confidence) पर जोर दिया।
यह मजबूत सोने की मांग भारत में मजबूत उपभोक्ता विश्वास (Consumer Confidence) और खास तौर पर कीमती धातुओं (Precious Metals) के क्षेत्र में महत्वपूर्ण खर्च करने की क्षमता को दर्शाती है। यह वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और उच्च कमोडिटी कीमतों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था और उसके उपभोक्ताओं के लचीलेपन को रेखांकित करता है। व्यवसायों के लिए, यह फेस्टिव पीरियड्स और वेडिंग सीजन के दौरान ज्वैलर्स और संबंधित क्षेत्रों के लिए मजबूत रेवेन्यू (Revenue) की संभावनाओं का संकेत देता है। निवेश की मांग में वृद्धि सोने के एक सुरक्षित आश्रय संपत्ति (Safe-haven Asset) और मूल्य के भंडार (Store of Value) के रूप में अपील को भी दर्शाती है, जो देश के भीतर व्यापक निवेश पैटर्न और पूंजी प्रवाह को प्रभावित कर सकती है।