क्यों भारतीय फिजिकल गोल्ड को दे रहे हैं ज़्यादा अहमियत?
इस ज़बरदस्त मांग की जड़ें गहरी सांस्कृतिक परंपराओं और सुरक्षा की भावना में निहित हैं। भारतीय निवेशक आज भी सोने को एक भरोसेमंद संपत्ति मानते हैं, भले ही Gold ETFs जैसे पारदर्शी और कम लागत वाले विकल्प बाज़ार में मौजूद हों। फिजिकल गोल्ड (सोने के बिस्किट और सिक्के) उन्हें मनोवैज्ञानिक सुकून और महंगाई के खिलाफ एक मज़बूत ढाल जैसा महसूस होता है।
महंगी है 'टैंगिबल' सोने की कीमत?
लेकिन इस 'भरोसे' की कीमत भी चुकानी पड़ती है। फिजिकल गोल्ड खरीदने पर बाज़ार भाव से 2% से 10% तक ज़्यादा प्रीमियम देना पड़ सकता है, जो सोने के सिक्कों और छोटी छड़ों पर और भी बढ़ जाता है। सोने के सिक्कों पर मिंटिंग फीस के तौर पर अतिरिक्त 8% से 16% तक का खर्च आ सकता है। इस पर 3% का गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) अलग से जुड़ जाता है। इसके अलावा, सुरक्षित रखने के लिए लॉकर का किराया और बीमा जैसी अतिरिक्त लागतें भी उठानी पड़ती हैं। वहीं, Gold ETFs सीधे सोने की कीमत को ट्रैक करते हैं और इनकी कुल वार्षिक प्रबंधन शुल्क (management fees) और एक्सपेंस रेशियो (expense ratio) मिलाकर लागत 0.5% से 1.13% के आसपास ही रहती है, जो काफी कम है।
बाज़ार का बदलता नज़रिया और परंपरा का असर
भारत में सोने की मांग के पीछे इसकी संस्कृति का गहरा असर है। पिछले एक साल में सोने ने 59.2% का शानदार रिटर्न देकर निवेशकों को और आकर्षित किया है। हालांकि, Gold ETFs में भी निवेश बढ़ा है, जिसमें जनवरी 2026 में 80% इनफ्लो देखा गया। मार्च 2026 तक, गोल्ड फंड्स का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर लगभग ₹1.71 लाख करोड़ हो गया था। सरकार ने 2026 के बजट में सोने पर इंपोर्ट ड्यूटी को 5% तक कम ज़रूर किया है, लेकिन इसका सीधा असर फिजिकल गोल्ड की खरीद लागत पर कम पड़ता है।
सोने में निवेश का भविष्य?
भले ही पहली तिमाही में फिजिकल गोल्ड की मांग हावी रही, लेकिन यह उम्मीद की जा रही है कि गोल्ड ईटीएफ़ (Gold ETFs) और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (Sovereign Gold Bonds) जैसे निवेश साधनों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखी जा सकती है। भू-राजनीतिक जोखिमों (geopolitical risks) और बढ़ती महंगाई (inflation) के चलते सोने की निवेश मांग बनी रहने की संभावना है। जैसे-जैसे भारतीय निवेशक डिजिटल वित्तीय उत्पादों से ज़्यादा सहज होंगे, एक व्यवस्थित बदलाव देखने को मिल सकता है। लेकिन, भारत में फिजिकल गोल्ड की गहरी सांस्कृतिक पैठ और सुरक्षा की भावना इसे लंबे समय तक निवेश पोर्टफोलियो का एक अहम, भले ही थोड़ा महंगा, हिस्सा बनाए रखेगी।
