भारत में स्टील की कीमतें अब **₹63,900** प्रति टन के **4 साल** के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं। कोकिंग कोल की लागत में बढ़ोतरी और स्टॉक बढ़ाने की मांग के चलते यह तेजी आई है, जिससे छोटी कंपनियों के लिए मार्जिन का संकट गहरा सकता है।
भारत में स्टील की कीमतों में आई जबरदस्त उछाल ने मार्केट का ध्यान खींचा है। मुंबई में हॉट रोल्ड कॉइल (HRC) के भाव अब ₹63,900 प्रति टन पर कारोबार कर रहे हैं, जिसमें बीते एक हफ्ते में ही ₹1,600 प्रति टन की बढ़त दर्ज की गई है। वहीं, रिबार (Rebar) के दाम भी बढ़कर ₹60,450 प्रति टन पर पहुंच गए हैं।
तेजी की असल वजह
कीमतों में इस तूफानी तेजी का मुख्य कारण कच्चे माल की लागत का बढ़ना है। आयातित कोकिंग कोल की कीमत अगस्त के $232 प्रति टन के औसत से 22% बढ़कर $283 प्रति टन पर पहुंच गई है। इसके अलावा, NMDC द्वारा हाई-ग्रेड आयरन ओर की कीमतों को ₹5,400 प्रति टन किए जाने से भी कंपनियों पर दबाव बढ़ा है। अगस्त में क्रूड स्टील का उत्पादन 14.1 मिलियन टन रहा, जबकि खपत में 4% की सालाना बढ़ोतरी देखी गई है।
कौन है असर में?
यह प्राइस हाइक इंडस्ट्री के लिए मिला-जुला है। बड़े इंटीग्रेटेड स्टील निर्माता अपनी स्केल के कारण बढ़ी हुई लागत का बोझ ग्राहकों पर डाल सकते हैं, लेकिन ऑटो कंपोनेंट और कंस्ट्रक्शन से जुड़े MSMEs के लिए स्थिति मुश्किल है। इन छोटी कंपनियों के पास प्राइसिंग पावर कम होने के कारण उनके मुनाफे (Margins) पर सीधी चोट पड़ रही है।
फिलहाल, चीन में रियल एस्टेट की सुस्त मांग वैश्विक स्तर पर कीमतों को नियंत्रित रख रही है। निवेशकों के लिए अब कंपनियों की मार्जिन बचाने की क्षमता और कोकिंग कोल व आयरन ओर की कीमतों पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा।
