भारत से होने वाले राइस एक्सपोर्ट (Rice Export) की कीमतों में जोरदार उछाल आया है। अगस्त में **16%** कम बारिश के कारण फसल उत्पादन घटने की चिंता से पार्बोल्ड राइस की कीमतें **$371 से $377** प्रति टन के स्तर पर पहुंच गई हैं।
उत्पादन अनुमान में कटौती
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार अगस्त महीने में बारिश 16% कम दर्ज की गई है। इस खराब मौसम की मार का असर अब फसल अनुमानों पर दिखने लगा है। फाइनेंशियल ईयर 2026/27 के लिए मिल्ड राइस का उत्पादन अनुमान पहले 154 मिलियन टन था, जिसे घटाकर अब 147 मिलियन टन कर दिया गया है। सप्लाई की इस तंगी की खबर ने ग्लोबल मार्केट में कीमतों को ऊपर धकेल दिया है।
लिस्टेड कंपनियों पर रिस्क
बढ़ती कीमतें जहाँ एक तरफ एक्सपोर्ट वैल्यू बढ़ा सकती हैं, वहीं दूसरी तरफ यह सरकारी सख्ती का कारण भी बनती हैं। KRBL Limited, LT Foods, Chaman Lal Setia Exports, Kohinoor Foods और GRM Overseas जैसे स्टॉक्स के लिए यह खबर काफी अहम है। इतिहास गवाह है कि घरेलू महंगाई को काबू में रखने के लिए सरकार अक्सर एक्सपोर्ट ड्यूटी या बैन जैसे कड़े कदम उठाती है, जो इन कंपनियों के वॉल्यूम ग्रोथ पर सीधा असर डाल सकते हैं।
ग्लोबल मार्केट का हाल
केवल भारत ही नहीं, बल्कि पड़ोसी देशों में भी स्थिति चिंताजनक है। बांग्लादेश ने अपनी फूड सिक्योरिटी के लिए एरोमैटिक राइस के एक्सपोर्ट पर कैप लगा दी है, वहीं थाईलैंड में भी चावल की कीमतें बढ़कर $488 प्रति टन तक पहुंच गई हैं। निवेशकों को अब सितंबर में होने वाली बारिश की चाल और सरकार की नई गाइडलाइन्स पर पैनी नजर रखनी होगी, क्योंकि यही फैक्टर आने वाले समय में इन एक्सपोर्टर कंपनियों की दिशा तय करेंगे।
