भारत में सोने की खुदरा कीमतों में गिरावट देखी गई है। 27 अगस्त 2026 को सोना प्रति ग्राम **₹70** सस्ता हुआ है, जबकि मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर वायदा कीमतें मजबूती के साथ कारोबार कर रही हैं।
27 अगस्त 2026 को देशभर में सोने की रिटेल कीमतों में एक हल्की गिरावट दर्ज की गई है। बड़े शहरों में 22-कैरेट सोने के दाम में प्रति ग्राम लगभग ₹70 की कमी आई है, जिससे गहने खरीदने वालों को थोड़ी राहत मिली है। यह बदलाव स्थानीय ज्वैलर्स द्वारा मांग और आपूर्ति के संतुलन के कारण किया गया है।
रिटेल और MCX में अंतर क्यों?
निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि फिजिकल गोल्ड और कमोडिटी मार्केट की चाल अलग हो सकती है। जहां रिटेल रेट्स में कमी आई है, वहीं MCX पर सितंबर 2026 एक्सपायरी वाले गोल्ड फ्यूचर्स मजबूती बनाए हुए हैं और ₹1.60 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर से ऊपर ट्रेड कर रहे हैं। रिटेल कीमतों में टैक्स, मेकिंग चार्ज और लॉजिस्टिक्स जैसे खर्चे शामिल होते हैं, जबकि फ्यूचर्स मार्केट सीधे ग्लोबल ट्रेंड्स को फॉलो करता है।
क्या है ग्लोबल फैक्टर्स का असर?
सोने की मौजूदा चाल मुख्य रूप से इंटरनेशनल मैक्रो-इकोनॉमिक फैक्टर्स से प्रेरित है। गोल्ड की कीमतें अमेरिकी आर्थिक संकेतों जैसे PCE (Personal Consumption Expenditures) इंडेक्स और फेडरल रिजर्व की पॉलिसी पर निर्भर हैं। डॉलर के मुकाबले रुपये में आने वाला उतार-चढ़ाव सीधे भारत में सोने के आयात लागत (import cost) को प्रभावित करता है, जो अंततः लोकल मार्केट के भाव को तय करता है।
शहर दर शहर अलग भाव
दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे शहरों में कीमतों में अंतर मुख्य रूप से स्थानीय टैक्स स्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स के कारण है। निवेशकों के लिए सलाह है कि वे केवल राष्ट्रीय रुझान पर न जाएं, क्योंकि स्थानीय प्रीमियम में बड़ा अंतर हो सकता है। फिलहाल, करेंसी वोलैटिलिटी और इंपोर्ट ड्यूटी में बदलाव जैसे जोखिम बने हुए हैं, इसलिए ग्लोबल मॉनेटरी पॉलिसी पर नजर रखना जरूरी है।
