देशभर में प्याज की कीमतों में आग लगी है। सप्लाई की कमी और सूखे के चलते खुदरा भाव बढ़कर ₹49.59 प्रति किलो के पार पहुंच गए हैं। त्योहारी सीजन में आम आदमी को राहत देने के लिए सरकार ने विशेष उपाय शुरू किए हैं।
त्योहारी सीजन से पहले महंगाई का तड़का जोर पकड़ रहा है। प्याज की ऑल-इंडिया एवरेज कीमत ₹49.59 प्रति किलो के स्तर पर पहुंच चुकी है, जो पिछले साल के मुकाबले 74% ज्यादा है। इस तेजी के पीछे रबी सीजन की खराब फसल और स्टोरेज में भारी नुकसान (करीब 35% से 40%) मुख्य वजहें हैं। कर्नाटक में सूखे के कारण खरीफ प्याज के रकबे में 24% की गिरावट आई है, जिससे बाजार में नई फसल की आवक धीमी हो गई है।
सरकार का बड़ा एक्शन प्लान
कीमतों को कंट्रोल में रखने के लिए केंद्र सरकार ने अपने बफर स्टॉक से प्याज रिलीज करना शुरू कर दिया है। इसके लिए 'कांदा एक्सप्रेस' ट्रेनें चलाई गई हैं और सड़क मार्ग से भी सप्लाई बढ़ाई गई है। फिलहाल 19 शहरों में ₹35 प्रति किलो के रियायती दर पर प्याज बेचा जा रहा है। तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों ने भी पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) के जरिए राशन कार्ड धारकों को सस्ता प्याज उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है।
आगे क्या होगा?
प्याज की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर फूड इन्फ्लेशन और CPI आंकड़ों पर पड़ता है। आने वाले हफ्तों में महाराष्ट्र और कर्नाटक से होने वाली खरीफ फसल की आवक ही तय करेगी कि महंगाई कितनी कम होगी। फिलहाल, बाजार की नजर सरकारी हस्तक्षेप की गति और नई फसल की वॉल्यूम पर टिकी है।
