Gold Price: सोने की रिकॉर्ड कीमतों ने बदला खेल, घर और पढ़ाई के लिए भारी मात्रा में बिक रहा सोना

COMMODITIES
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
Gold Price: सोने की रिकॉर्ड कीमतों ने बदला खेल, घर और पढ़ाई के लिए भारी मात्रा में बिक रहा सोना

2026 में सोने की आसमान छूती कीमतों के चलते भारतीय परिवार अपनी पुरानी ज्वेलरी को बेचकर या गिरवी रखकर कैश जुटा रहे हैं। लोग अब गोल्ड को सिर्फ गहना नहीं, बल्कि अपनी जरूरत के वक्त का फाइनेंशियल कैपिटल मान रहे हैं।

गोल्ड से मिल रही है लिक्विडिटी

सोने की कीमतें साल 2026 में ₹1,75,000 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गईं। इस उछाल ने भारतीय परिवारों की सोच बदल दी है। अब लोग गोल्ड को लंबे समय के लिए तिजोरी में बंद रखने के बजाय, उसे जरूरत के समय घर खरीदने या बच्चों की विदेशी पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।

आंकड़ों में तेजी

साल 2026 की पहली छमाही के आंकड़ों पर नजर डालें, तो गोल्ड रिसाइकिलिंग की गतिविधियों में पिछले चक्रों की तुलना में लगभग 60% का उछाल आया है। लोग महंगे पर्सनल लोन लेने के बजाय गोल्ड को गिरवी रखना या बेचना बेहतर समझ रहे हैं।

रिटेलर्स और फाइनेंशियल सेक्टर पर असर

ज्वेलरी रिटेलर्स अब अपने स्टोर्स को रिसाइकिलिंग हब में बदल रहे हैं, जिससे उन्हें नए गोल्ड इंपोर्ट पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है। वहीं, फाइनेंशियल सेक्टर में गोल्ड लोन की मांग में जोरदार बढ़त देखी गई है। मार्च 2026 तक गोल्ड लोन एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) लगभग $197 बिलियन तक पहुंच गया है, जो पिछले 2 सालों में 73% की भारी बढ़ोतरी है।

क्या हैं रिस्क?

विशेषज्ञों का कहना है कि अभी भी एक बड़ा हिस्सा असंगठित (unorganized) सेक्टर के जरिए सोना बेच रहा है, जहां शुद्धता की सही जांच न होने के कारण ग्राहकों को उचित दाम नहीं मिल पाते। साथ ही, सोना बेचना महंगाई के खिलाफ एक मजबूत सुरक्षा कवच को खत्म करने जैसा है, अगर उस पैसे का इस्तेमाल निवेश के बजाय सिर्फ खर्च में किया जाए। अब निवेशकों की नजर सरकार की गोल्ड टैक्सेशन और इंपोर्ट पॉलिसी पर टिकी है, क्योंकि ये नियम आने वाले समय में मार्केट का रुख तय करेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.