Gold-Silver ETF में ऐतिहासिक गिरावट! डॉलर की चाल, प्रॉफिट बुकिंग ने मचाया हाहाकार, शेयर **10%** तक लुढ़के

COMMODITIES
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
Gold-Silver ETF में ऐतिहासिक गिरावट! डॉलर की चाल, प्रॉफिट बुकिंग ने मचाया हाहाकार, शेयर **10%** तक लुढ़के
Overview

30 जनवरी 2026 को भारतीय निवेशकों के लिए एक बुरी खबर आई। देश के गोल्ड (Gold) और सिल्वर (Silver) एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) ने अपने इतिहास की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट दर्ज की। इस भारी बिकवाली के चलते शेयर **10%** तक गिर गए।

डॉलर की सख्ती और मुनाफा वसूली का डबल अटैक

ग्लोबल मार्केट से मिले निराशाजनक संकेतों और डॉलर में आई तेज मजबूती के चलते भारतीय सर्राफा बाजार (Bullion Market) में भारी गिरावट आई। इस बिकवाली का सीधा असर गोल्ड (Gold) और सिल्वर (Silver) एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) पर देखने को मिला, जिन्होंने 30 जनवरी 2026 को अपने इतिहास की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट दर्ज की।

सेक्टर के टॉप फंड्स में भारी भरकम गिरावट

सबसे बड़े फंड, Nippon India Gold ETF में 10.1% की भारी गिरावट आई। वहीं, HDFC Gold ETF 8.8% और ICICI Prudential Gold ETF 9.5% तक लुढ़क गए। यह गिरावट न केवल भारत में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी देखी गई, जहाँ स्पॉट गोल्ड (Spot Gold) की कीमतें 8% तक गिरकर $5,000 प्रति औंस के नीचे चली गईं। सिल्वर (Silver) की हालत और भी खराब रही, जहाँ स्पॉट सिल्वर (Spot Silver) में 17% से ज्यादा की गिरावट आई और यह $95 प्रति औंस तक गिर गया।

गिरावट के मुख्य कारण

बाजार जानकारों के मुताबिक, इस भारी बिकवाली के पीछे कई बड़े कारण हैं। सबसे प्रमुख वजह अमेरिकी डॉलर (US Dollar) में आई 0.30% की मजबूती रही, जिसने डॉलर-डिनॉमिनेटेड कमोडिटी (Dollar-denominated Commodities) जैसे सोना-चांदी पर दबाव बढ़ा दिया। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) द्वारा फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) के प्रमुख के तौर पर केविन वॉर्श (Kevin Warsh) के नाम का ऐलान, जिसने भविष्य की मॉनेटरी पॉलिसी (Monetary Policy) को लेकर अनिश्चितता को कम किया। साथ ही, पिछले कुछ हफ्तों में इन फंड्स में आई शानदार तेजी के बाद निवेशकों ने बड़ा मुनाफा वसूलना (Profit Booking) शुरू कर दिया, जिसने गिरावट को और तेज कर दिया। इक्विटी मार्केट (Equity Market) में कमजोरी का रुख भी एक वजह रहा।

आगे क्या करें निवेशक?

Kotak Mutual Fund के फंड मैनेजर सतीश डंडापति (Satish Dondapati) ने डॉलर की मजबूती और सट्टा पोजीशनिंग (Speculative Positioning) को गिरावट का कारण बताया। Motilal OSWAL Financial Services के कमोडिटीज एनालिस्ट मानव मोदी (Manav Modi) ने निवेशकों को मौजूदा अस्थिरता (Volatility) के बीच सतर्क रहने की सलाह दी है। हालांकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि जनवरी 2026 में स्पॉट गोल्ड (Spot Gold) अपने महीने में लगभग 17% और सिल्वर (Silver) 40% तक चढ़े थे, जो कि पहले आई बड़ी रैली का पैमाना दिखाता है।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.