ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल का असर भारतीय निवेशकों की जेब पर पड़ा है। सोमवार को गोल्ड और सिल्वर ETFs में बड़ी बिकवाली देखने को मिली, जहां सिल्वर फंड्स **3.5%** से ज्यादा गिर गए, वहीं गोल्ड ETFs भी **2.6%** तक टूट गए।
कच्चे तेल की आग और महंगाई का डर
इस गिरावट की मुख्य वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के चलते क्रूड ऑयल की कीमतों में आया उछाल है, जो $107 प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। एनर्जी कॉस्ट में बढ़ोतरी से अब दुनिया भर में महंगाई (Inflation) दोबारा बढ़ने का डर पैदा हो गया है। इसी के चलते मार्केट में यह चर्चा तेज है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Federal Reserve) अक्टूबर में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी कर सकता है।
क्यों कम हुआ गोल्ड-सिल्वर का आकर्षण?
जब महंगाई बढ़ती है और सेंट्रल बैंक ब्याज दरें बढ़ाते हैं, तो बॉन्ड यील्ड (Bond Yield) आकर्षक हो जाती है। गोल्ड और सिल्वर जैसे एसेट, जो कोई डिविडेंड या फिक्स्ड इंटरेस्ट नहीं देते, ऐसी स्थिति में निवेशकों की पहली पसंद नहीं रह जाते। बॉन्ड से मिलने वाला बेहतर रिटर्न निवेशकों को बुलियन मार्केट से दूर कर रहा है।
भारतीय ETFs पर असर
घरेलू बाजार में बिकवाली का आलम यह रहा कि सिल्वर ETFs सबसे ज्यादा दबाव में दिखे:
- SBI Silver ETF: इसमें 3.59% की गिरावट दर्ज की गई।
- Nippon India Silver ETF और Tata Silver ETF: इन दोनों में 3.5% से ज्यादा की कमजोरी देखी गई।
गोल्ड फंड्स भी पीछे नहीं रहे:
- ICICI Prudential Gold ETF: इसमें 2.64% की गिरावट आई।
- SBI Gold ETF और Nippon India ETF Gold BeES: ये भी 2.4% से 2.6% के बीच टूटते हुए नजर आए।
फिलहाल, निवेशकों की नजरें मिडिल ईस्ट के हालात और अमेरिकी इकोनॉमी के डेटा पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि सोने और चांदी की चाल आगे कैसी रहने वाली है।
