22 जनवरी 2026 को सोने की कीमतों में गिरावट
गुरुवार, 22 जनवरी 2026 को भारतीय सोने के बाजार में कीमतों में सुधार देखा गया। 24-कैरेट सोने की कीमत लगभग ₹15,431 प्रति ग्राम पर ₹1,54,310 प्रति 10 ग्राम पर स्थिर हुई, जो पिछली ट्रेडिंग अवधि से ₹229 प्रति ग्राम की गिरावट है। इसी तरह, 22-कैरेट सोने में भी गिरावट आई, जो ₹14,145 प्रति ग्राम, या ₹1,41,450 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद भाव से ₹210 प्रति ग्राम कम था। यह चाल सुरक्षित-आश्रय मांग (safe-haven demand) के कारण मजबूत प्रदर्शन की अवधि के बाद आई है।
भू-राजनीतिक नरमी और डॉलर की मजबूती का बाज़ार पर प्रभाव
दिन की कीमतों में गिरावट का मुख्य उत्प्रेरक वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों में कथित कमी थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के टैरिफ पर नरम रुख अपनाने और ग्रीनलैंड के संबंध में बल प्रयोग को खारिज करने वाले बयानों ने तत्काल अंतर्राष्ट्रीय चिंताओं को कम किया। साथ ही, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में स्थिरता देखी गई, जो लगभग 98.8 पर कारोबार कर रहा था, जो आम तौर पर सोने की कीमतों पर नीचे की ओर दबाव डालता है क्योंकि यह अन्य मुद्राओं के धारकों के लिए कीमती धातु को अधिक महंगा बना देता है। निवेशकों ने पहले की रैली के बाद मुनाफावसूली (profit-taking) में भी भाग लिया, जिससे पुलबैक में योगदान मिला।
घरेलू बनाम अंतर्राष्ट्रीय मूल्य प्रीमियम बना हुआ है
22 जनवरी 2026 को घरेलू कीमतों में गिरावट के बावजूद, भारत में सोने की कीमतें अंतर्राष्ट्रीय बेंचमार्क की तुलना में एक उल्लेखनीय प्रीमियम पर कारोबार करना जारी रहीं। जहाँ भारत में 24-कैरेट सोने की कीमत ₹1,54,310 प्रति 10 ग्राम थी, वहीं दुबई में इसका समतुल्य लगभग ₹1,43,561 प्रति 10 ग्राम था, जिसका विनिमय दर 1 AED = ₹24.88 था। इससे स्थानीय शुल्कों और करों को छोड़कर, लगभग ₹10,749 प्रति 10 ग्राम का मूल्य अंतर आता है।
सोने के निवेशकों के लिए दृष्टिकोण
बाजार विश्लेषकों का सुझाव है कि सोने की कीमतों में अल्पावधि में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, जो भू-राजनीतिक दबावों में वर्तमान नरमी और मजबूत अमेरिकी डॉलर से प्रभावित होगा। हालांकि, अमेरिकी-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते पर चल रही चर्चाओं जैसी अंतर्निहित मैक्रोइकॉनॉमिक अनिश्चितताएं, समर्थन प्रदान करने और कीमतों को ऐतिहासिक उच्च स्तरों के करीब रखने की उम्मीद है। सोने की कीमतों की भविष्य की दिशा आगामी अमेरिकी मुद्रास्फीति डेटा और मौद्रिक नीति (monetary policy) के संबंध में फेडरल रिजर्व द्वारा लिए जाने वाले निर्णयों से निकटता से जुड़ी होगी। खुदरा निवेशकों को निवेश निर्णय लेने से पहले घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाजार की गतिशीलता की निगरानी करने की सलाह दी जाती है।