तिमाही नतीजों में छाई IEX
वित्तीय वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) के लिए Indian Energy Exchange (IEX) ने बाजार को प्रभावित करने वाले नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 10.8% बढ़कर ₹129.8 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, कंपनी का कुल रेवेन्यू 22.5% उछलकर ₹174.3 करोड़ दर्ज किया गया। EBITDA में भी 23.1% की वृद्धि देखी गई और यह ₹149 करोड़ रहा, जबकि EBITDA मार्जिन थोड़ा सुधरकर 85.68% हो गया। निवेशकों को खुश करने के लिए, बोर्ड ने ₹2 प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड (Dividend) भी घोषित किया है, जो शेयरहोल्डर अप्रूवल के अधीन है।
शेयर का प्रदर्शन और वैल्यूएशन
इन मजबूत नतीजों के बावजूद, 23 अप्रैल, 2026 को IEX का शेयर मामूली 0.91% बढ़कर ₹126.92 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स इसी दिन 0.84% गिर गया था। कंपनी का मौजूदा ट्रेलिंग बारह महीने का P/E रेश्यो 24.2 है, जो पिछले तीन सालों के औसत 37.7 और दस सालों के औसत 40.01 से काफी कम है। IEX की मार्केट कैप ₹11,355.71 करोड़ है।
रेगुलेटरी चुनौती: मार्केट कपलिंग
IEX के लिए सबसे बड़ी चिंता Central Electricity Regulatory Commission (CERC) द्वारा लाई जा रही 'मार्केट कपलिंग' की नई रेगुलेशन है। यह नियम सभी पावर एक्सचेंजों पर एक समान क्लियरिंग प्राइस लागू करेगा, जो IEX के प्राइस डिस्कवरी में परंपरागत बढ़त को चुनौती देगा। इससे कंपनी की मार्केट शेयर और प्रॉफिटेबिलिटी पर असर पड़ सकता है। पिछले साल इस रेगुलेशन की घोषणा मात्र से IEX का शेयर 20% गिर गया था।
आगे का रास्ता
Power Exchange India Ltd (PXIL) और Hindustan Power Exchange (HPX) जैसे प्रतियोगी बाजार में अपनी जगह बना रहे हैं। मार्केट कपलिंग के बाद, मूल्य निर्धारण में अंतर खत्म होने से बाजार और भी बंट सकता है। हालांकि, बिजली की बढ़ती मांग और रिन्यूएबल एनर्जी के लक्ष्यों को देखते हुए, एनालिस्ट्स (Analysts) का आउटलुक अभी भी पॉजिटिव है और वे 'Moderate Buy' या 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं। IEX की भविष्य की ग्रोथ उसकी मार्केट कपलिंग फ्रेमवर्क में ढलने और प्रतिस्पर्धी माहौल में बने रहने की क्षमता पर निर्भर करेगी।
