Cotton Prices: कपास की बढ़ती कीमतें, क्या टेक्सटाइल कंपनियों के मुनाफे पर पड़ेगा असर?

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AuthorAditya Rao|Published at:
Cotton Prices: कपास की बढ़ती कीमतें, क्या टेक्सटाइल कंपनियों के मुनाफे पर पड़ेगा असर?

घरेलू बाजार में कच्चे कपास (Raw Cotton) की कीमतें **₹9,200** से **₹9,500** प्रति क्विंटल के बीच बनी हुई हैं। ग्लोबल मार्केट में नरमी के बावजूद, भारत में दाम MSP से ऊपर टिके हैं, जिससे टेक्सटाइल कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ गया है।

बाजार में क्या चल रहा है?

इंटरनेशनल ICE कॉटन फ्यूचर्स भले ही 87 सेंट प्रति पाउंड तक नरम हो गए हों, लेकिन भारत में तस्वीर कुछ और ही है। यहां के दाम सरकारी MSP (₹8,267 से ₹8,667 प्रति क्विंटल) से काफी ऊपर बने हुए हैं। इसकी मुख्य वजह फसल की आवक में करीब 1 महीने की देरी है, जिसने सप्लाई को टाइट कर दिया है।

टेक्सटाइल मिलों के लिए चुनौती

टेक्सटाइल कंपनियों के लिए फिलहाल दोहरी मार है। एक तरफ कच्चे माल की लागत ज्यादा है, तो दूसरी तरफ यार्न (Yarn) की मांग बेहद सुस्त है। कंपनियां लागत बढ़ने के बावजूद अपनी कीमतें नहीं बढ़ा पा रही हैं, जिसका सीधा असर उनके ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ रहा है। इस माहौल में कंपनियां नया निवेश करने के बजाय मौजूदा इन्वेंट्री पर निर्भर रहना ही बेहतर समझ रही हैं।

आगे क्या उम्मीद करें?

कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, कपास का कुल बुआई क्षेत्र 109.17 लाख हेक्टेयर पर स्थिर है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले पखवाड़े में आवक दोगुनी हो सकती है, जो फिलहाल 50,000 गांठ प्रति सप्ताह के करीब है। नवंबर में कटाई के जोर पकड़ने के बाद स्थिति साफ होगी।

निवेशकों के लिए सलाह है कि वे आगामी फाइनेंशियल रिपोर्ट्स में मैनेजमेंट की कमेंट्री पर खास ध्यान दें, खासकर मार्जिन सस्टेनेबिलिटी और इन्वेंट्री मैनेजमेंट को लेकर।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.