Gold & Silver Import Duty: सोने-चांदी पर इम्पोर्ट ड्यूटी घटाने की तैयारी! तस्करी पर लगाम लगाने के लिए सरकार का बड़ा कदम

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Gold & Silver Import Duty: सोने-चांदी पर इम्पोर्ट ड्यूटी घटाने की तैयारी! तस्करी पर लगाम लगाने के लिए सरकार का बड़ा कदम

सरकार सोने और चांदी पर लगी **15%** की इम्पोर्ट ड्यूटी को घटाने पर विचार कर रही है। मई **2026** से लागू इस टैक्स के कारण देश में अवैध तस्करी बढ़ गई है, जिससे संगठित ज्वैलरी रिटेलर्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर बुरा असर पड़ रहा है।

ड्यूटी घटाने के पीछे का मकसद

मई 2026 से भारत सरकार ने सोने और चांदी के आयात पर 15% की ड्यूटी लगाई थी। इसका मुख्य उद्देश्य रुपये को स्थिर रखना और विदेशी मुद्रा भंडार को बचाना था। हालांकि, अब सरकार इस फैसले की समीक्षा कर रही है क्योंकि ऊंची ड्यूटी के चलते ग्रे मार्केट और तस्करी में भारी इजाफा हुआ है, जो औपचारिक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

संगठित ज्वैलरी सेक्टर को संजीवनी

ज्वैलरी कंपनियों के लिए यह बदलाव गेम चेंजर हो सकता है। मौजूदा ऊंचे टैक्स के कारण आधिकारिक सोने और तस्करी वाले सोने की कीमतों में बड़ा अंतर आ गया है, जिससे Titan और Kalyan Jewellers जैसे बड़े प्लेयर्स को कीमत के मोर्चे पर कड़ी टक्कर मिल रही है। ड्यूटी कम होने से संगठित रिटेलर्स की वॉल्यूम ग्रोथ में सुधार की उम्मीद है।

सिल्वर यूजर्स को मिलेगा बूस्ट

चांदी सिर्फ एक कीमती धातु नहीं है, बल्कि सोलर और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उद्योगों के लिए एक कच्चा माल है। 15% ड्यूटी के कारण इन कंपनियों की प्रोडक्शन लागत बढ़ गई है। ड्यूटी में कटौती से मैन्युफैक्चरिंग लागत घटेगी, जिससे घरेलू उद्योगों की कॉम्पिटिटिवनेस बढ़ेगी।

सरकार का 'बैलेंसिंग एक्ट'

सरकार के लिए यह एक मुश्किल फैसला है। एक तरफ टैक्स से आने वाला रेवेन्यू है, तो दूसरी तरफ तस्करी के कारण बढ़ती समानांतर अर्थव्यवस्था। सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स (CBIC) के आने वाले नोटिफिकेशन पर नजर रखना जरूरी है, जो सीधे तौर पर रिटेल सेक्टर के मुनाफे को प्रभावित करेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.