भारत-अमेरिका में बड़ा ट्रेड पैक्ट! टैरिफ घटे, $500 अरब का अमेरिकी सामान खरीदेगा भारत

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
भारत-अमेरिका में बड़ा ट्रेड पैक्ट! टैरिफ घटे, $500 अरब का अमेरिकी सामान खरीदेगा भारत
Overview

भारत और अमेरिका के बीच एक ऐतिहासिक ट्रेड पैक्ट पर मुहर लग गई है। इस समझौते के तहत, भारत अमेरिका से आने वाले इंडस्ट्रियल गुड्स पर अपने टैरिफ में भारी कटौती करेगा और कई अहम अमेरिकी उत्पादों की खरीद के लिए **$500 अरब** का बड़ा मल्टी-ईयर कमिटमेंट करने जा रहा है।

बाइलैटरल ट्रेड में बड़ा बदलाव

भारत और अमेरिका के बीच एक बड़ा ट्रेड पैक्ट फाइनल हो गया है, जो महीनों से चले आ रहे ट्रेड फ्रिक्शन को कम करने की दिशा में एक अहम कदम है। इस समझौते के तहत, भारत अमेरिकी इंडस्ट्रियल गुड्स पर अपने 13.5% के औसत टैरिफ को घटाकर शून्य कर देगा। इसके साथ ही, अमेरिका से आने वाले ट्री नट्स, फ्रूट्स, वेजिटेबल्स, वाइन और स्पिरिट्स पर भी ड्यूटी खत्म की जाएगी। यह कदम भारत के बाजार को कई अमेरिकी प्रोडक्ट्स के लिए खोलेगा।

अमेरिका की बड़ी खरीददारी और एनर्जी शिफ्ट

बदले में, अमेरिका भी भारतीय गुड्स पर अपने टैरिफ को घटाकर लगभग 50% से 18% कर देगा। इस डील का एक बड़ा हिस्सा भारत की ओर से अमेरिकी पेट्रोलियम, एयरक्राफ्ट, डिफेंस इक्विपमेंट और टेलीकम्युनिकेशन्स इक्विपमेंट, साथ ही फार्मास्युटिकल्स की खरीद बढ़ाने का मल्टी-ईयर कमिटमेंट है, जिसकी कुल वैल्यू करीब $500 अरब आँकी गई है। यह बड़ा कदम भारत के एनर्जी सप्लाइज में भी एक रणनीतिक बदलाव का संकेत देता है, क्योंकि भारत रूसी तेल का इम्पोर्ट कम करके अमेरिकी और वेनेजुएला जैसे देशों से एनर्जी सप्लाइज पर ध्यान केंद्रित करेगा। यह डील द्विपक्षीय संबंधों में एक अहम मुद्दे का समाधान करती है।

कृषि क्षेत्र पर क्या होगा असर?

समझौते में कुछ चुनिंदा अमेरिकी एग्रीकल्चरल प्रोडक्ट्स के लिए लिमिटेड मार्केट एक्सेस दी गई है, लेकिन सबसे खास बात यह है कि भारत अपने बेहद सेंसिटिव फार्म सेक्टर को प्रोटेक्शन देना जारी रखेगा। हालांकि, राइस, बीफ, सोयाबीन्स, शुगर या डेयरी जैसे हाई-वैल्यू कमोडिटीज के लिए अमेरिकी मार्केट एक्सेस का विवरण नहीं दिया गया है। अमेरिका की ओर से यह भी कहा गया है कि वे भारतीय गुड्स पर 18% का टैरिफ बनाए रखेंगे, जो भारत के बड़े ट्रेड सरप्लस को दर्शाता है। 2025 के पहले 11 महीनों में भारत का अमेरिका के साथ ट्रेड सरप्लस $53.5 अरब रहा था। यह टैरिफ रेट अन्य एशियन नेशन्स के मुकाबले कंपेटिटिव है।

आगे की राह

अधिकारियों ने यह भी साफ किया है कि यह एग्रीमेंट एक बड़े और कॉम्प्रिहेंसिव ट्रेड फ्रेमवर्क की दिशा में पहला कदम है, जिसके लिए नेगोशिएशन्स आने वाले महीनों में जारी रहेंगे। हाल ही में प्रेसिडेंट ट्रम्प और प्राइम मिनिस्टर मोदी के बीच हुई हाई-लेवल कम्युनिकेशन के बाद यह डील तेजी से फाइनल हुई। हालांकि, विशिष्ट स्टार्ट डेट्स फाइनल डॉक्यूमेंटेशन पर निर्भर करेंगी, लेकिन दोनों पक्षों ने जल्द ही शर्तों को पक्का करने को लेकर उम्मीद जताई है।

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