Gold Import: UAE से आने वाला सोना **125%** बढ़ा, ट्रेड डील की शर्तों पर सरकार की नज़र

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Gold Import: UAE से आने वाला सोना **125%** बढ़ा, ट्रेड डील की शर्तों पर सरकार की नज़र

भारत का गोल्ड इंपोर्ट बिल अप्रैल-जून **2026** के बीच **47%** उछलकर **$11.01 बिलियन** पहुंच गया है। इसकी सबसे बड़ी वजह UAE से होने वाले सोने के इंपोर्ट में **125%** की भारी बढ़त है।

ट्रेड डील और नियमों पर सवाल

इंपोर्ट में आई इस बड़ी तेजी ने भारत-UAE कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस समझौते के तहत UAE से आने वाले गोल्ड पर 14% ड्यूटी लगती है, जबकि अन्य देशों के लिए यह 15% है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव के जानकारों का कहना है कि यह 1% का अंतर आयातकों को UAE के रास्ते सोना लाने के लिए प्रेरित कर रहा है।

'रूल्स ऑफ ओरिजिन' की चुनौती

विशेषज्ञों का तर्क है कि UAE खुद सोना पैदा नहीं करता, ऐसे में 'रूल्स ऑफ ओरिजिन' को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। आशंका है कि कहीं दूसरे देशों का सोना UAE के रास्ते 'री-रूट' होकर तो नहीं आ रहा। सरकार अब इस पूरे मामले की जांच करने के दबाव में है ताकि व्यापारिक खामियों को दूर किया जा सके।

इकोनॉमी पर असर

देश का करंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) अप्रैल-जून तिमाही में $4.2 बिलियन तक चौड़ा हो गया है। सोना भारत के सबसे बड़े इंपोर्ट्स में से एक है, इसलिए इसकी भारी खरीदारी से विदेशी मुद्रा भंडार और रुपये पर सीधा दबाव पड़ता है।

निवेशकों के लिए जोखिम

ज्वैलरी और बुलियन ट्रेड से जुड़ी कंपनियों के लिए यह एक रेगुलेटरी रिस्क है। अगर सरकार 'रूल्स ऑफ ओरिजिन' को सख्त करती है या टैरिफ में बदलाव करती है, तो आयात लागत बढ़ सकती है, जिसका असर संगठित ज्वैलरी रिटेलर्स के मार्जिन पर पड़ सकता है। निवेशकों को आने वाले सरकारी फैसलों पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि कोई भी नीतिगत बदलाव सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.