जुलाई 2026 में भारतीय झींगा निर्यात (Shrimp Exports) ने **81,674 टन** का अब तक का सबसे उच्चतम स्तर छू लिया है। सालाना आधार पर इसमें **8.2%** की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो सीफूड सेक्टर के लिए एक बड़े रिवाइवल का संकेत है।
सेक्टर में आया बड़ा उछाल
भारतीय सीफूड इंडस्ट्री ने जुलाई 2026 में शानदार प्रदर्शन किया है। पिछले साल के मुकाबले झींगा निर्यात में 8.2% की वृद्धि दर्ज की गई है। साल 2026 के शुरुआती सात महीनों में कुल निर्यात 455,489 टन तक पहुंच चुका है, जिसमें 1% की सालाना बढ़त देखी गई है। यह आंकड़े पहली तिमाही में देखी गई सुस्ती से उबरने के संकेत दे रहे हैं।
बदली रणनीति का असर
एक्सपोर्टर्स अब केवल अमेरिकी बाजार पर निर्भर नहीं हैं। अब ब्लैक टाइगर श्रिम्प (Black Tiger Shrimp) जैसे प्रोडक्ट्स के जरिए दक्षिण-पूर्व और पूर्वी एशियाई बाजारों में अपनी पैठ बनाई जा रही है। साथ ही, यूरोपियन यूनियन, यूके, रूस और चीन जैसे बाजारों में भी अपना दायरा बढ़ाया गया है, जिससे रिस्क को कम करने में मदद मिली है।
निवेशकों के लिए अहम जानकारी
मार्केट में Apex Frozen Foods और Avanti Feeds जैसी कंपनियां इस सेक्टर की मुख्य खिलाड़ी मानी जाती हैं। हालांकि वॉल्यूम बढ़ने से टॉप-लाइन ग्रोथ तो दिख रही है, लेकिन प्रॉफिट मार्जिन पूरी तरह से सप्लाई चेन और ग्लोबल डिमांड पर टिका है।
इन चुनौतियों पर रखें नजर
आंकड़े भले ही मजबूत दिख रहे हों, लेकिन निवेशकों को क्वालिटी और एंटीबायोटिक रेजिड्यू स्टैंडर्ड्स (Antibiotic Residue Standards) को लेकर सतर्क रहना चाहिए। अगर किसी बैच को रिजेक्ट किया जाता है, तो भारी नुकसान हो सकता है। इसके अलावा, फीड की लागत और शिपिंग कंटेनर के बढ़ते दाम भी मुनाफे पर सीधा असर डालते हैं। आने वाले क्वार्टरली नतीजों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह वॉल्यूम ग्रोथ असली मुनाफे में कितनी बदल पाती है।
