India-Russia Critical Minerals Deal: चीन को बड़ा झटका! भारत ने रूस के साथ मिलाया हाथ, लिथियम-रेअर अर्थ्स पर बनी सहमति

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
India-Russia Critical Minerals Deal: चीन को बड़ा झटका! भारत ने रूस के साथ मिलाया हाथ, लिथियम-रेअर अर्थ्स पर बनी सहमति
Overview

भारत और रूस महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) को लेकर एक अहम समझौते के करीब पहुंच गए हैं। यह डील खासतौर पर लिथियम और रेअर अर्थ्स जैसे जरूरी खनिजों की खोज, प्रोसेसिंग और टेक्नोलॉजी पर फोकस करेगी। इस समझौते से भारत की चीन पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है।

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खनिज सहयोग में नई राह

भारत और रूस महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) को लेकर एक शुरुआती समझौते की ओर बढ़ रहे हैं, जो दोनों देशों के बीच सहयोग में एक अहम कदम साबित हो सकता है। इस डील का मुख्य एजेंडा खनिजों की खोज (exploration), उनकी प्रोसेसिंग और टेक्नोलॉजी को साझा करना होगा।

लिथियम और रेअर अर्थ्स पर विशेष फोकस

आने वाले इस समझौते में लिथियम और रेअर अर्थ एलिमेंट्स जैसे प्रमुख खनिजों को प्राथमिकता दी जाएगी। ये खनिज भारत के एनर्जी ट्रांजिशन लक्ष्यों को पूरा करने, खास तौर पर बैटरी मैन्युफैक्चरिंग और एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में, और साथ ही देश के इंडस्ट्रियल ग्रोथ के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

चीन पर निर्भरता घटाने की कोशिश

यह पार्टनरशिप भारत के लिए इसलिए भी काफी अहम है क्योंकि वह कई जरूरी खनिजों की ग्लोबल सप्लाई के लिए काफी हद तक चीन पर निर्भर है। नए विदेशी सोर्स (sources) को सुरक्षित करके, भारत अपनी सप्लाई चेन (supply chain) को मजबूत करना चाहता है और डोमेस्टिक मैन्युफैक्चरिंग (domestic manufacturing) को बढ़ावा देना चाहता है।

डील का ढांचा और समय-सीमा

यह डील दोनों देशों की कॉर्पोरेट कंपनियों को निवेश के लिए भी दिशा दिखाएगी। इस मामले में बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है और उम्मीद है कि यह समझौता अगले दो महीनों के भीतर फाइनल हो सकता है। भारत ने इससे पहले रूस को एक ड्राफ्ट प्रस्ताव (draft proposal) भी सौंपा था।

खनिजों की तलाश में भारत

भारत दुनिया भर में ऐसे ही समझौते करने की कोशिश कर रहा है। उसके पास पहले से ही अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया और जापान जैसे देशों के साथ ऐसे समझौते हैं, और वह पेरू और चिली जैसे देशों के साथ भी बातचीत कर रहा है। विदेश में महत्वपूर्ण खनिज संपत्तियों (critical mineral assets) को सुरक्षित करना एक चुनौती भरा काम रहा है। भारत की सबसे बड़ी सफलता 2024 की शुरुआत में अर्जेंटीना में शुरू किया गया एक लिथियम एक्सप्लोरेशन प्रोजेक्ट (lithium exploration project) है। भारत माली में एक लिथियम प्रोजेक्ट को भी फिर से देख सकता है, जिसे पहले रूस की रोसाटॉम (Rosatom) संभाल रही थी, बशर्ते पश्चिम अफ्रीकी देश में राजनीतिक स्थिरता (political stability) में सुधार हो।

व्यापक रिसोर्स सिक्योरिटी रणनीति

यह पहल भारत की टेक्नोलॉजी एक्सेस (technology access) और रिसोर्सेज (resources) को सुरक्षित करने के लिए ग्लोबल पार्टनरशिप (global partnership) बनाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। 2023 में, सरकार ने अपने ऊर्जा और औद्योगिक भविष्य के लिए 20 से अधिक खनिजों की सूची बनाई थी, जिन्हें महत्वपूर्ण माना गया है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.