Sugar Price Hike: सरकारी प्रयासों के बावजूद चीनी हुई महंगी, खुदरा भाव ₹64 के पार

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Sugar Price Hike: सरकारी प्रयासों के बावजूद चीनी हुई महंगी, खुदरा भाव ₹64 के पार

भारत में खुदरा चीनी की कीमतें औसतन **₹64.24** प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई हैं। सरकार द्वारा **10 लाख टन** ड्यूटी-फ्री इम्पोर्ट की मंजूरी के बावजूद बाजार में राहत नहीं दिख रही है।

त्योहारी और शादी-ब्याह के सीजन से पहले चीनी के दाम आम आदमी की जेब पर भारी पड़ रहे हैं। सरकार ने 10 लाख टन ड्यूटी-फ्री रॉ शुगर इम्पोर्ट और डीलरों पर स्टॉक लिमिट जैसे कड़े कदम उठाए हैं, लेकिन कंज्यूमर लेवल पर इसका फायदा अभी तक नहीं पहुंचा है।

उत्पादन घटने का असर

कीमतों में इस उछाल के पीछे सबसे बड़ी वजह 2025-26 मार्केटिंग ईयर के लिए उत्पादन अनुमान में आई गिरावट है। पहले 343 लाख टन का जो अनुमान था, उसे घटाकर अब 306 लाख टन कर दिया गया है। अत्यधिक बारिश और 'रेड रॉट' (Red Rot) व 'टॉप बोरर' (Top Borer) जैसी बीमारियों के कारण फसलों को भारी नुकसान हुआ है। देश में खपत 280-285 लाख टन के आसपास बनी हुई है, जिससे सप्लाई का सरप्लस काफी कम हो गया है।

मिलों और रिटेल के बीच फंसा पेच

बाजार में एक अजीब स्थिति पैदा हो गई है। थोक या एक्स-मिल रेट्स में तो 18% से 20% तक की गिरावट आई है, लेकिन यह राहत रिटेल दुकानों तक नहीं पहुंच पा रही है। चीनी मिलों के लिए यह दोहरी मार जैसा है—एक तरफ उन्हें मिल रही कीमत (Realization) कम हो रही है, तो दूसरी तरफ सरकार की तरफ से कीमतों को नियंत्रित करने का दबाव बना हुआ है।

निवेशकों के लिए इस सेक्टर में मार्जिन कम होने का बड़ा रिस्क बना हुआ है। यदि एक्स-मिल कीमतें और नीचे गिरती हैं, तो कंपनियों का प्रॉफिट और भी सिकुड़ सकता है। आने वाले समय में नई फसल के वास्तविक उत्पादन आंकड़े और सरकार का अगला कदम, यानी स्टॉक लिमिट या इम्पोर्ट कोटा में बदलाव, इस पूरे सेक्टर की दिशा तय करेंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.