भुगतान का बदला तरीका, अब युआन में होगा लेन-देन
रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय रिफाइनर अब ईरान से प्राप्त होने वाले कच्चे तेल के लिए चीनी युआन में भुगतान कर रहे हैं। ये सभी लेन-देन ICICI Bank के माध्यम से हो रहे हैं, जिसमें बैंक की शंघाई ब्रांच से पैसे ईरान के विक्रेताओं के खातों में ट्रांसफर किए जा रहे हैं।
अमेरिकी छूट (Waivers) की समाप्ति
यह अहम बदलाव अमेरिका द्वारा रूस और ईरान से तेल खरीदने की अनुमति देने वाली 30-दिवसीय छूट (waivers) को समाप्त करने के संकेत के बाद आया है। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेस्सेंट ने स्पष्ट कर दिया है कि इन छूटों को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। विशेष रूप से, ईरानी तेल के लिए दी गई यह छूट इस रविवार को समाप्त हो रही है, जिसका एक मकसद वैश्विक तेल की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी को रोकना भी है।
Reliance Industries को मिला ईरानी तेल
भुगतान के तरीके में इस बदलाव के साथ ही, भारत सरकार ने ईरान से तेल ले जा रहे चार जहाजों को बंदरगाह पर डॉक करने की इजाजत दे दी है। Reliance Industries इस कच्चे तेल को हासिल करने वाली मुख्य कंपनियों में से एक है, और MT Felicity जैसे जहाजों ने पहले ही अपना माल उतार दिया है। यह भारत की रिफाइनिंग की जरूरतों के लिए कच्चे तेल की सप्लाई को बनाए रखने में मदद करेगा।
मंत्रालय का बयान: नियमों का पालन
इस खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए, भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि भारतीय ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) पूरी तरह से कानूनी और निर्धारित नियमों के तहत काम कर रही हैं। शर्मा ने जोर देकर कहा, "हमारे लिए हमारी घरेलू जरूरतों को पूरा करना सबसे महत्वपूर्ण है। हमारी OMCs पूरी तरह से नियमों का पालन कर रही हैं।"
होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता तनाव
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब भारत के ऊर्जा आयात के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है। ईरान द्वारा जहाजों से गुजरने के लिए शुल्क लेने के सुझावों ने भी क्षेत्रीय अस्थिरता और ईंधन व एलपीजी की कीमतों पर इसके संभावित प्रभाव को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
