Indian Markets: एनर्जी और इंफ्रा स्टॉक्स चमके, लेकिन टेक शेयर धड़ाम! जानिए वजह

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Indian Markets: एनर्जी और इंफ्रा स्टॉक्स चमके, लेकिन टेक शेयर धड़ाम! जानिए वजह
Overview

14 मई, 2026 को भारतीय शेयर बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के शेयरों में अच्छी तेजी दर्ज की गई, जबकि टेक्नोलॉजी सेक्टर के कुछ शेयर, खासकर Kaynes Technology, भारी गिरावट के साथ बंद हुए।

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शेयर बाजार में दिखी बड़ी चाल

14 मई, 2026 को भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों का ध्यान कंपनी-विशिष्ट खबरों पर ज्यादा रहा। बेंचमार्क इंडेक्स में मामूली बढ़त के बावजूद, इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी से जुड़े शेयरों ने अच्छा प्रदर्शन किया। वहीं, वैल्यूएशन (Valuation) को लेकर चिंतित टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में तेज गिरावट आई। बाजार में यह साफ दिख रहा था कि निवेशक ठोस एसेट ग्रोथ और मजबूत ऑपरेशन वाली कंपनियों को पसंद कर रहे हैं, जबकि उम्मीदों पर खरा न उतरने वाली कंपनियों पर बिकवाली हावी रही।

Adani Enterprises की बड़ी ब्लॉक डील

Adani Enterprises के शेयर्स में 5% से ज्यादा का उछाल देखा गया। इसकी वजह थी कंपनी में लगभग 58.92 लाख शेयर्स की एक बड़ी ब्लॉक डील (Block Deal), जिसकी वैल्यू करीब ₹1,435 करोड़ रही। यह डील तब हुई जब कंपनी ने इक्विटी इश्यू (Equity Issue) के जरिए ₹15,000 करोड़ तक जुटाने की योजना का ऐलान किया। हालांकि, कंपनी ने चौथी तिमाही (Q4 FY26) में ₹220.7 करोड़ का नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया, जबकि रेवेन्यू (Revenue) में 20.3% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹32,439.3 करोड़ रहा। बावजूद इसके, इंफ्रास्ट्रक्चर इनक्यूबेशन स्ट्रेटेजी और भविष्य की विस्तार योजनाओं को देखते हुए बाजार ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।

ऑटो सेक्टर में चिंता

Tata Motors के शेयर 4.35% तक गिर गए। इसके कमर्शियल व्हीकल (CV) सेगमेंट को लेकर निवेशकों में चिंता देखी गई। कंपनी के MD और CEO गिरीश वघ ने पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक (Geopolitical) कारणों से FY27 के खर्चों को लेकर सावधानी बरतने की बात कही। डोमेस्टिक CV डिमांड भले ही मजबूत बनी हुई है और कंपनी ने FY27 के लिए ₹3,000 करोड़ के कैपेक्स (Capex) गाइडेंस को दोहराया है, लेकिन प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन पर असर की आशंका जताई गई। इस सावधानी भरे रुख से मार्जिन पर दबाव पड़ने की चिंता बढ़ी है, खासकर अगर लागत वृद्धि को पूरी तरह ग्राहकों पर न डाला जा सका।

MTAR Technologies को बड़ा ऑर्डर

MTAR Technologies के शेयर्स में करीब 7% का इजाफा हुआ। कंपनी ने $238 मिलियन (करीब ₹2,278 करोड़) के एक बड़े इंटरनेशनल ऑर्डर मिलने की घोषणा की, जिसने इसके मौजूदा ऑर्डर बुक (₹2,581 करोड़) को काफी मजबूत किया है। कंपनी ने Q4 FY26 के नतीजे भी शानदार पेश किए, जिसमें रेवेन्यू ₹302 करोड़ रहा और नेट प्रॉफिट तीन गुना से ज्यादा बढ़कर ₹44.2 करोड़ हो गया। हालांकि, यह स्टॉक फिलहाल 220x से ज्यादा के बहुत ऊंचे पीई रेशियो (P/E Ratio) पर ट्रेड कर रहा है, जो इसे ऑर्डर फ्लो में किसी भी मंदी या देरी के प्रति संवेदनशील बनाता है।

टेक शेयरों में बड़ी गिरावट

Kaynes Technology India Ltd. के शेयर 17% तक लुढ़क गए। इसका मुख्य कारण JPMorgan की ओर से स्टॉक को 'Neutral' रेटिंग देना और टारगेट प्राइस (Target Price) घटाना रहा। कंपनी की Q4 FY26 नेट प्रॉफिट में पिछले साल की तुलना में 21.5% की गिरावट आकर ₹91 करोड़ रहा, भले ही रेवेन्यू 26.2% बढ़कर ₹1,242.64 करोड़ हो गया था। ऑपरेटिंग मार्जिन (Operating Margin) में भी कमी आई और वर्किंग कैपिटल डेज (Working Capital Days) बढ़कर 125 दिन हो गए, जो कंपनी के 85 दिनों के गाइडेंस से काफी ज्यादा है। इस तेज गिरावट ने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) सेक्टर की हाई-वैल्यूएशन वाली कंपनियों के लिए जोखिमों को उजागर किया।

एनर्जी सेक्टर में मजबूती

Oil India और NLC India ने दमदार नतीजों के दम पर अच्छी बढ़त दर्ज की। Oil India का Q4 FY26 नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹2,099.61 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू 5.51% बढ़कर ₹9,293.27 करोड़ हो गया। NLC India ने FY26 में ₹2,525 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (Profit After Tax) दर्ज किया, जो पिछले साल से 32.9% ज्यादा है। इन नतीजों ने एनर्जी सेक्टर की मजबूती को दिखाया।

एक्सचेंज ऑपरेटर्स की रिकॉर्ड ऊंचाई

BSE और MCX के शेयर्स रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए। BSE के शेयर 4% चढ़कर ₹4,000 के पार निकल गए, जिसका फायदा सोने-चांदी पर सरकारी इंपोर्ट ड्यूटी (Import Duty) बढ़ने से मिला। MCX के शेयर भी 3% से ज्यादा चढ़े।

बाजार में बने हुए हैं जोखिम

कुछ सेक्टर्स में तेजी के बावजूद, बाजार में व्यापक जोखिम बने हुए हैं। Kaynes Technology में तेज बिकवाली ने EMS सेक्टर में अत्यधिक वैल्यूएशन के खतरों को दिखाया। Adani Enterprises की ग्रोथ स्टोरी पर सहायक कंपनी के ऑडिट ओपिनियन (Audit Opinion) और तिमाही लॉस का असर है। Tata Motors की सावधानी भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण मार्जिन दबाव का संकेत देती है। MTAR Technologies का हाई वैल्यूएशन और बड़े ऑर्डर्स पर निर्भरता एग्जीक्यूशन में देरी या ऑर्डर फ्लो में मंदी के प्रति भेद्यता (Vulnerability) को दर्शाती है। ग्लोबल मैक्रो इकोनॉमिक (Macroeconomic) अनिश्चितताएं भी चिंता का विषय बनी हुई हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.