Live News ›

भारत का बड़ा फैसला: ASEAN देशों से गोल्ड इंपोर्ट पर लाइसेंस लागू, स्मगलिंग और ट्रेड गैप रोकने की बड़ी पहल!

COMMODITIES
Whalesbook Logo
AuthorMehul Desai|Published at:
भारत का बड़ा फैसला: ASEAN देशों से गोल्ड इंपोर्ट पर लाइसेंस लागू, स्मगलिंग और ट्रेड गैप रोकने की बड़ी पहल!
Overview

भारत ने दक्षिण पूर्व एशियाई देशों (ASEAN) से सोने और कीमती धातु के गहनों के आयात के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब इन देशों से इंपोर्ट होने वाले मोतियों और हीरे-जड़े सामानों सहित कई वस्तुओं के लिए लाइसेंस (License) लेना अनिवार्य हो गया है। सरकार का यह कदम अवैध व्यापार को रोकने और आसियान देशों के साथ बढ़ते व्यापार घाटे (Trade Gap) को पाटने के उद्देश्य से उठाया गया है।

नए लाइसेंसिंग नियम लागू

भारत सरकार ने सोने और कीमती धातु के गहनों को 'फ्री इंपोर्ट' कैटेगरी से हटाकर 'अनिवार्य लाइसेंसिंग' (Mandatory Licensing) वाले शासन में डाल दिया है। यह नीतिगत बदलाव आसियान (ASEAN) के दस देशों - ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम - के साथ व्यापार में हो रही गड़बड़ियों, खासकर अवैध व्यापार और बढ़ते व्यापार घाटे (Trade Deficit) को लेकर चिंताओं के जवाब में किया गया है।

व्यापार के आंकड़े चिंता बढ़ा रहे हैं

आसियान देशों और भारत के बीच द्विपक्षीय व्यापार (Bilateral Trade) फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में लगभग $123 बिलियन तक पहुंच गया। हालांकि, इस ब्लॉक से भारत का आयात (Imports) उसके निर्यात (Exports) से काफी आगे निकल गया है। फाइनेंशियल ईयर 2022-23 के आंकड़ों के अनुसार, आयात $87.577 मिलियन रहा, जबकि निर्यात केवल $44,000 मिलियन था। यह स्थिति फाइनेंशियल ईयर 2010-11 से आयात में 186% की वृद्धि को दर्शाती है और एक बढ़ता हुआ असंतुलन दिखाती है। इसी वजह से सरकार आसियान-भारत माल व्यापार समझौते (AITIGA) की देश-वार समीक्षा की मांग कर रही है।

प्लैटिनम पर भी पहले हुई थी कार्रवाई

भारत ने इससे पहले भी व्यापारिक विसंगतियों को दूर करने के लिए कीमती धातुओं पर नियंत्रण कड़े किए थे। फरवरी 2026 में, सरकार ने टैरिफ अंतर का फायदा उठाने के लिए सोने के साथ मिश्रित प्लैटिनम मिश्र धातुओं (Platinum Alloys) पर आयात प्रतिबंध लगाए थे। सोने और गहनों पर वर्तमान उपाय भी निष्पक्ष व्यापार सुनिश्चित करने और घरेलू आर्थिक हितों की रक्षा के लिए इसी नियामक दृष्टिकोण का पालन करते हैं।

Disclaimer:This content is for informational purposes only and does not constitute financial or investment advice. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making decisions. Investments are subject to market risks, and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors are not liable for any losses. Accuracy and completeness are not guaranteed, and views expressed may not reflect the publication’s editorial stance.