भारतीय स्टील सेक्टर के लिए बड़ी खबर! 2026 में भारत की स्टील डिमांड **7.9%** तक बढ़ने का अनुमान है। सरकार की नई नेशनल स्टील पॉलिसी (Vision 2047) से उत्साहित होकर Tata Steel, JSW Steel और SAIL जैसे शेयरों में आज रौनक रही।
दुनियाभर में सुस्त पड़ रही स्टील डिमांड के बीच भारत का चमकना जारी है। साल 2026 में भारत की स्टील डिमांड 7.9% बढ़कर 172.4 मिलियन टन तक पहुँचने का अनुमान है। यह रफ्तार 2027 में भी बरकरार रह सकती है, जहाँ 8.0% की वृद्धि के साथ डिमांड 186.2 मिलियन टन तक पहुँचने की उम्मीद है। चीन और यूरोप जैसे बाजारों में जहाँ डिमांड में गिरावट देखी जा रही है, वहीं भारत का प्रदर्शन ग्लोबल इकोनॉमी के लिए एक बड़ा सपोर्ट बना हुआ है।
Vision 2047 का मास्टर प्लान
स्टील मिनिस्ट्री ने हाल ही में नेशनल स्टील पॉलिसी (Vision 2047) का ड्राफ्ट पेश किया है। इस महत्वाकांक्षी विजन का लक्ष्य 2047 तक भारत की क्रूड स्टील कैपेसिटी को 604 मिलियन टन तक ले जाना है। इस घोषणा के बाद NSE और BSE पर स्टील सेक्टर के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखी गई। मौजूदा फाइनेंशियल ईयर की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर 2026) में भारत की फिनिश्ड स्टील खपत 7.5% और क्रूड स्टील प्रोडक्शन 2.9% बढ़ा है।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Risk Factors)
ग्रोथ का आउटलुक मजबूत है, लेकिन निवेशकों को कुछ रिस्क पर नजर रखनी चाहिए:
- रॉ मटेरियल कॉस्ट: कोकिंग कोल और आयरन ओर की बढ़ती कीमतें मार्जिन पर दबाव डाल सकती हैं।
- ग्लोबल चुनौतियां: कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) जैसे ट्रेड बैरियर्स एक्सपोर्टर्स के लिए मुश्किलें पैदा कर सकते हैं।
- कैपेक्स रिस्क: 604 मिलियन टन का लक्ष्य हासिल करने के लिए भारी पूंजी की जरूरत होगी, जिससे कंपनियों का डेट (Debt) स्तर बढ़ सकता है।
अब सबकी नजरें इस पॉलिसी के फाइनल वर्जन और ग्रीन स्टील पर मिलने वाली सब्सिडी या गाइडलाइन्स पर टिकी हैं।
