भारत में सोने का आयात सितंबर **2026** में **81%** तक गिर गया है। सरकार द्वारा इंपोर्ट ड्यूटी को **15%** तक बढ़ाने के फैसले का सीधा असर अब बाजार में दिखने लगा है।
सोने के आयात में आई यह भारी गिरावट सरकार द्वारा मई में लिए गए उस फैसले का नतीजा है, जिसमें कीमती धातुओं पर इंपोर्ट ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया गया था। इस कदम के पीछे का मुख्य उद्देश्य विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) को सुरक्षित रखना और वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव के बीच आर्थिक स्थिरता बनाए रखना है।
ट्रेड बैलेंस और फॉरेक्स पर असर
सरकार द्वारा गैर-जरूरी आयात पर लगाम लगाने से करंट अकाउंट डेफिसिट को कंट्रोल करने में मदद मिल रही है। सितंबर में कुल मर्चेंडाइज इंपोर्ट $74.61 बिलियन रहा। अच्छी खबर यह है कि एक्सपोर्ट में मजबूती दिखी है, जो पिछले साल के $36.08 बिलियन से बढ़कर $44.40 बिलियन पहुंच गया। इंजीनियरिंग, केमिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सेक्टर्स ने इस ग्रोथ में अहम भूमिका निभाई है।
ज्वेलरी रिटेलर्स और त्योहारी मांग
अब बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि इस सप्लाई का असर त्योहारी सीजन में ज्वैलरी रिटेलर्स की बिक्री और मार्जिन पर क्या पड़ेगा। ड्यूटी बढ़ने से उपभोक्ताओं के लिए सोना महंगा हुआ है, जिससे खरीदार सतर्क रुख अपना सकते हैं। आगे चलकर बाजार के लिए असली चुनौती त्योहारी मांग और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की अस्थिर कीमतों के बीच संतुलन बनाना होगी।
