Gold Price Today: त्योहारी मांग से सोने का आयात दोगुना, क्या खरीदारों की बढ़ेगी जेब पर भारी?

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Gold Price Today: त्योहारी मांग से सोने का आयात दोगुना, क्या खरीदारों की बढ़ेगी जेब पर भारी?

भारत में सोने का बाजार तेजी से उबर रहा है। ज्वैलर्स त्योहारी सीजन की तैयारी में आयात बढ़ा रहे हैं। जुलाई में आयात दोगुना होकर **$4.16 बिलियन** पहुंच गया, जो मजबूत रीस्टॉकिंग का संकेत है। हालांकि, **₹1,51,744** प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंची घरेलू कीमतों के बीच, बाजार अब इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रहा है कि क्या मौजूदा दाम आने वाले महीनों में उपभोक्ताओं की मांग को प्रभावित करेंगे।

सोने का आयात क्यों बढ़ा?

भारतीय ज्वैलरी बाजार में त्योहारी सीजन की वजह से रौनक लौट आई है। रिटेलर्स इस समय अपनी इन्वेंट्री को फिर से भरने में लगे हैं, जिसके चलते सोने का आयात काफी बढ़ गया है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, जून के $1.97 बिलियन की तुलना में जुलाई में सोने का आयात दोगुना होकर $4.16 बिलियन पर पहुंच गया। आयातित सोने की मात्रा भी 20 टन से बढ़कर 40-45 टन हो गई है। यह दिखाता है कि इंडस्ट्री सप्लाई को लेकर कितनी गंभीर है।

कीमतों में उथल-पुथल

सोने की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। जुलाई में स्थिरता और जून में गिरावट के बाद, अगस्त की शुरुआत में घरेलू बाजार में दाम ₹1,51,744 प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंच गए। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी अगस्त के पहले दो हफ्तों में कीमतें 9% बढ़कर $4,391 प्रति औंस पर पहुंच गईं। ये बदलाव ग्लोबल इकोनॉमी, अमेरिकी मॉनेटरी पॉलिसी और डॉलर की चाल से प्रभावित हो रहे हैं।

निवेशकों का क्या कहना है?

निवेशकों के बीच भी सोने का आकर्षण बना हुआ है। गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में जुलाई में ₹1,560 करोड़ का नेट इनफ्लो देखा गया। हालांकि, यह पिछले महीने की तुलना में 55% कम है, लेकिन गोल्ड ETFs के मैनेजमेंट के तहत कुल संपत्ति 2% बढ़कर ₹1,73,300 करोड़ हो गई। अगस्त के पहले पंद्रह दिनों में ₹1,179 करोड़ का इनफ्लो और आया है।

ट्रेडिंग वॉल्यूम में इजाफा

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी सोने के ट्रेडिंग वॉल्यूम में बढ़ोतरी देखी गई है। जुलाई में औसत डेली ट्रेडिंग वॉल्यूम 13.5 टन से बढ़कर 14.9 टन हो गया। वहीं, डेली टर्नओवर 9% बढ़कर ₹21,400 करोड़ तक पहुंच गया।

आगे क्या?

हालांकि, निवेशकों को कुछ जोखिमों पर भी ध्यान देना चाहिए। सोने की कीमतें ग्लोबल भू-राजनीतिक घटनाओं और ब्याज दरों से प्रभावित होती हैं। अगर बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव आता है या करेंसी मार्केट में अस्थिरता बढ़ती है, तो सोने की कीमतों में तेजी से बदलाव आ सकता है। इसके अलावा, लगातार ऊंची कीमतें आखिरकार उपभोक्ता मांग को प्रभावित कर सकती हैं। आने वाले महीनों में त्योहारी सीजन के दौरान असली रिटेल बिक्री कितनी होती है, यह देखना अहम होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.