अगस्त 2026 में भारत का गोल्ड इंपोर्ट करीब **30%** तक घट गया है। इसकी मुख्य वजह सरकार द्वारा कस्टम ड्यूटी को बढ़ाकर **15%** करना और खपत को कम करने की अपील है।
भारत सरकार ने देश के करंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) को काबू में रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। गोल्ड और सिल्वर पर कस्टम ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर सीधे 15% कर दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नागरिकों से सोने की खपत कम करने की अपील की है, ताकि विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) को मजबूती दी जा सके।\n\n### घर में पड़ा सोना बनेगा 'पूंजी'\nसरकार का लक्ष्य केवल आयात रोकना नहीं, बल्कि घरों में जमा करीब 30,000 टन सोने को अर्थव्यवस्था की मुख्यधारा से जोड़ना है। इसके लिए 'Gold Monetisation Scheme' को नए सिरे से तैयार किया जा रहा है, जिसमें स्थानीय जूलर्स की मदद ली जाएगी ताकि लोग अपने बेकार पड़े सोने को बैंकों में जमा कर सकें।\n\n### जूलरी सेक्टर के लिए नई चुनौतियां\n'India Bullion & Jewellers Association' ने इस फैसले पर चिंता जताई है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ड्यूटी बढ़ने से कानूनी सोने की कीमतें काफी महंगी हो गई हैं, जिससे 'ग्रे मार्केट' (अवैध कारोबार) के फलने-फूलने का खतरा बढ़ गया है। यह उन ऑर्गनाइज्ड रिटेलर्स के लिए बड़ा सिरदर्द है जो टैक्स नियमों का पालन करते हैं।\n\n### निवेशकों के लिए क्या है संकेत?\nनिवेशकों को अब इन 3 चीजों पर नजर रखनी चाहिए:\n1. हर महीने आने वाला इंपोर्ट डेटा।\n2. गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम की सफलता।\n3. जूलरी कंपनियों के मार्जिन पर असर, क्योंकि बढ़ती कीमतों से वॉल्यूम में दबाव आ सकता है।
