India Gem and Jewellery Exports: जून में **27%** का शानदार उछाल, पहुंचा **$2.21 बिलियन**

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
India Gem and Jewellery Exports: जून में **27%** का शानदार उछाल, पहुंचा **$2.21 बिलियन**

भारत के जेम और ज्वैलरी एक्सपोर्ट (Gem and Jewellery Exports) के लिए जून का महीना खुशखबरी लेकर आया है। इस दौरान निर्यात में **27%** की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है, जो **$2.21 बिलियन** के आंकड़े तक पहुंच गया है। सोने (Gold) और लैबोरेटरी में बने हीरों (Lab-grown Diamonds) की बढ़ती मांग इस उछाल की मुख्य वजह है।

सेक्टर में लौटी रौनक!

भारत का जेम और ज्वैलरी सेक्टर जून में एक मजबूत रिकवरी के साथ उभरा है। कुल निर्यात $2.21 बिलियन तक पहुंच गया, जो पिछले साल के मुकाबले 27% ज्यादा है। यह इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी राहत है, जो पहले धीमी एक्सपोर्ट ग्रोथ और वैश्विक मांग में उतार-चढ़ाव से जूझ रही थी। अमेरिका जैसे बड़े बाजारों में ड्यूटी स्ट्रक्चर (Duty Structure) का स्पष्ट होना और हालिया फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स (Free Trade Agreements) इस रिकवरी में मददगार साबित हुए हैं।

सोने और हीरों के सेगमेंट में धूम

सेगमेंट-वाइज (Segment-wise) देखें तो सोने के आभूषणों (Gold Jewellery) के निर्यात में 55% की भारी बढ़ोतरी हुई और यह $1.09 बिलियन पर पहुंच गया। सोने की कीमतों में आई कमी के कारण अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के लिए यह ज्यादा किफायती साबित हुआ। वहीं, कट और पॉलिश किए हुए हीरों (Cut and Polished Diamonds) के एक्सपोर्ट में 9% का इजाफा हुआ, जो $847 मिलियन रहा। खास बात यह है कि कच्चे हीरों (Rough Diamonds) का इंपोर्ट 8% घटकर $64 मिलियन रहा। इससे संकेत मिलता है कि घरेलू मैन्युफैक्चरर्स (Manufacturers) ज्यादा स्टॉक जमा करने के बजाय इन्वेंटरी मैनेजमेंट (Inventory Management) पर ध्यान दे रहे हैं।

लैबोरेटरी में बने हीरे: नए सितारे

इस सेक्टर की ग्रोथ में लैबोरेटरी में बने पॉलिश किए हुए हीरों (Polished Lab-grown Diamonds) का भी बड़ा योगदान रहा, जिनके एक्सपोर्ट में 52% का उछाल आया और यह $101 मिलियन तक पहुंच गया। ये हीरे प्राकृतिक हीरों के मुकाबले सस्ते होने के कारण उपभोक्ताओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं, खासकर तब जब दुनिया भर में आर्थिक अनिश्चितता बनी हुई है। उपभोक्ताओं की ओर से सामर्थ्य (Affordability) को प्राथमिकता देना, बिना स्टाइल से समझौता किए, इस ट्रेंड को और मजबूत कर रहा है।

आगे का रास्ता और जोखिम

जून के आंकड़े बेशक उत्साहजनक हैं, लेकिन सेक्टर अभी भी वैश्विक आर्थिक हालातों पर पैनी नजर रखे हुए है। भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) सप्लाई चेन (Supply Chain) या एक्सपोर्ट मार्केट्स (Export Markets) में उपभोक्ता भावना को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, आने वाले महीनों का आउटलुक (Outlook) स्थिर बना हुआ है। इंडस्ट्री पश्चिमी देशों के हॉलिडे सीजन (Holiday Season) और भारत के त्योहारी सीजन की तैयारी कर रही है, जो ज्वैलरी की मांग के लिए अहम होते हैं। निवेशकों के लिए, इस ग्रोथ की निरंतरता इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनियां कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद अपने प्रॉफिट मार्जिन (Profit Margins) को कैसे बनाए रखती हैं और क्या यह एक्सपोर्ट मोमेंटम (Export Momentum) दिसंबर तिमाही तक जारी रह पाता है। इन एक्सपोर्ट आंकड़ों पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.