Sunflower Oil Import: सरकार का बड़ा फैसला, इम्पोर्ट ड्यूटी घटकर हुई **0%**, बढ़ेगा आयात

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Sunflower Oil Import: सरकार का बड़ा फैसला, इम्पोर्ट ड्यूटी घटकर हुई **0%**, बढ़ेगा आयात

सरकार ने कच्चे सनफ्लावर ऑयल पर बेसिक इम्पोर्ट ड्यूटी को घटाकर **0%** कर दिया है। इस बदलाव के बाद सनफ्लावर ऑयल का आयात **30%** बढ़कर **3.5 मिलियन मीट्रिक टन** तक पहुंचने का अनुमान है, जिसका असर रिफाइनिंग कंपनियों के मुनाफे पर पड़ सकता है।

भारत सरकार ने खाने के तेल के बाजार में बड़ा बदलाव करते हुए कच्चे सनफ्लावर ऑयल पर इम्पोर्ट ड्यूटी को 10% से घटाकर 0% कर दिया है। सरकार के इस कदम का मकसद सनफ्लावर ऑयल को आम उपभोक्ताओं के लिए सस्ता बनाना है। माना जा रहा है कि 2026/27 मार्केटिंग ईयर में इसका आयात 30% उछलकर 3.5 मिलियन मीट्रिक टन हो सकता है।

रिफाइनिंग कंपनियों के लिए चुनौती और मौके

इस नीतिगत बदलाव का सीधा असर सोयाबीन तेल की मांग पर पड़ेगा, जिसके आयात में करीब 10.7% की गिरावट के साथ 5 मिलियन मीट्रिक टन तक सिमटने के आसार हैं। Adani Wilmar और Patanjali Foods जैसी दिग्गज कंपनियों के लिए यह स्थिति काफी पेचीदा है। हालांकि इनपुट कॉस्ट कम होने से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, लेकिन ग्लोबल मार्केट में कीमतों के उतार-चढ़ाव और इन्वेंट्री मैनेजमेंट रिफाइनर्स के ऑपरेटिंग मार्जिन को प्रभावित कर सकते हैं।

सप्लाई-साइड और मॉनसून का रिस्क

बाजार में एक तरफ आयात की उम्मीद है, तो दूसरी तरफ पाम ऑयल की सप्लाई को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। इंडोनेशिया के बायोडीजल मैंडेट की वजह से पाम ऑयल की उपलब्धता कम हो रही है, जिससे कीमतों में उछाल आ सकता है। इसके अलावा, देश में रेपसीड की फसल पर भी संकट के बादल हैं। राजस्थान में मॉनसून के दौरान 22% कम बारिश हुई है, जिससे मिट्टी की नमी प्रभावित हुई है। यदि पैदावार गिरती है, तो भारत को अतिरिक्त 1 मिलियन मीट्रिक टन तेल का आयात करना पड़ सकता है, जो बाजार के संतुलन को बिगाड़ सकता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.