केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए एक नई स्कीम को मंजूरी दी है। इसके तहत लिथियम और निकल प्रोसेसिंग प्लांट लगाने वाली कंपनियों को **30%** तक सब्सिडी मिलेगी।
भारत सरकार ने देश में क्रिटिकल मिनरल प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने के लिए 'Capex Support Scheme' का ऐलान किया है। इस स्कीम के लिए ₹2,814 करोड़ का बजट रखा गया है, जो FY27 से FY31 के बीच लागू होगा। इसका मुख्य उद्देश्य भारत को इन जरूरी खनिजों के लिए आयात पर निर्भरता से मुक्त कर एक ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना है।
स्कीम की मुख्य बातें:
- सब्सिडी: सरकार योग्य निवेश पर 30% की कैपिटल सब्सिडी देगी।
- लक्ष्य: इसके तहत कुल 4 प्लांट लगाए जाएंगे— 2 लिथियम प्लांट (क्षमता 30,000 टन) और 2 निकल प्लांट (क्षमता 50,000 टन)।
- वित्तीय सहायता: प्रत्येक लिथियम प्रोजेक्ट के लिए अधिकतम ₹500 करोड़ और निकल प्रोजेक्ट के लिए ₹900 करोड़ तक की सहायता का प्रावधान है।
सरकार इन प्रोजेक्ट्स के लिए दो चरणों वाली बिडिंग प्रक्रिया अपनाएगी। हालांकि, यह कदम सेक्टर के लिए बड़ा बूस्टर है, लेकिन जानकारों का मानना है कि इतनी बड़ी क्षमता के रिफाइनिंग प्लांट लगाने में तकनीकी चुनौतियां अभी भी कायम हैं। इसके अलावा, भारत में कच्चा माल (Ore) सीमित होने के कारण कंपनियों को आयात पर निर्भर रहना होगा, जिससे ग्लोबल कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर सीधे उनके मुनाफे पर पड़ सकता है। निवेशकों के लिए इन कंपनियों की एक्जीक्यूशन क्षमता और टाइमलाइन पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा।
