Silver Import: चांदी की कीमतों को काबू में करने के लिए सरकार का बड़ा फैसला, **6,500 मीट्रिक टन** आयात की मंजूरी

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Silver Import: चांदी की कीमतों को काबू में करने के लिए सरकार का बड़ा फैसला, **6,500 मीट्रिक टन** आयात की मंजूरी

सरकार ने घरेलू सप्लाई को सुधारने के लिए अगले **6 महीने** में **6,500 मीट्रिक टन** चांदी आयात करने की अनुमति दे दी है। इस कदम का मुख्य मकसद ग्लोबल और लोकल बाजार की कीमतों के बीच के भारी अंतर (Premium) को कम करना है, जिससे ज्वैलर्स और ट्रेडर्स को राहत मिलेगी।

प्रीमियम में भारी गिरावट

सरकार के इस फैसले का असर तुरंत बाजार में देखने को मिला है। सप्लाई की कमी के कारण लोकल मार्केट में चांदी के प्रीमियम $2.50 प्रति औंस तक पहुंच गए थे, जो खबर के आते ही गिरकर 45 सेंट प्रति औंस के स्तर पर आ गए हैं। इस सुधार का लक्ष्य घरेलू कीमतों को अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क के साथ तालमेल में लाना है।

आयात पर सख्त नियमों में बदलाव

बता दें कि इससे पहले सरकार ने विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने और अनावश्यक खर्चों को कम करने के लिए चांदी के आयात पर कड़े नियम लागू किए थे। उस दौरान सिल्वर ग्रेन और पाउडर के आयात पर पाबंदियां बढ़ाई गई थीं और इंपोर्ट ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर 15% कर दिया गया था। अब सरकार का फोकस पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने पर है ताकि औद्योगिक और ज्वैलरी सेक्टर में कीमतों में अचानक उछाल न आए।

डिमांड और सप्लाई का संकट

हालांकि, इतनी बड़ी मात्रा में आयात की अनुमति ने ट्रेडर्स को हैरान कर दिया है। वर्तमान में फेस्टिव सीजन होने के बावजूद रिटेल डिमांड काफी सुस्त है। बाजार में चिंता यह है कि यदि भारी मात्रा में चांदी आती रही और कंज्यूमर डिमांड नहीं बढ़ी, तो बाजार में सप्लाई सरप्लस हो सकता है। फिलहाल, बैंक और ट्रेडर्स के पास इन्वेंट्री जमा होने का डर बना हुआ है, जिस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.