सरकार द्वारा इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती के बाद अब आम जनता को राहत मिलने वाली है। IVPA ने अपने सदस्यों को एडिबल ऑयल के दाम घटाने के निर्देश दिए हैं ताकि त्योहारी सीजन में महंगाई पर लगाम लगाई जा सके।
सरकार ने 23 सितंबर 2026 को एक नोटिफिकेशन जारी कर पाम, सोयाबीन और सूरजमुखी जैसे प्रमुख तेलों पर इंपोर्ट ड्यूटी में कटौती की थी, जो 24 सितंबर 2026 से प्रभावी हो गई है। इंडियन वेजिटेबल ऑयल प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IVPA) ने अब अपने मेंबर्स को साफ निर्देश दिए हैं कि इस टैक्स कटौती का फायदा सीधे ग्राहकों तक पहुंचना चाहिए।
त्योहारी सीजन और महंगाई पर लगाम
नवरात्रि, दशहरा और दिवाली के दौरान तेल की मांग में भारी उछाल आता है। पिछले 1 साल में तेल की कीमतों में करीब 20% का उछाल देखा गया था, जिससे आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ा। अब इस पहल से फेस्टिवल डिमांड के दौरान कीमतों को स्टेबल रखने में मदद मिलेगी।
निगरानी और नियम
पारदर्शिता बनाए रखने के लिए IVPA ने कंपनियों को यह अनिवार्य कर दिया है कि वे हर हफ्ते अपनी नई रिटेल प्राइस लिस्ट सरकार के साथ शेयर करें। इससे यह सुनिश्चित होगा कि ड्यूटी कट का लाभ वास्तव में ग्राहकों को मिल रहा है या नहीं।
रिस्क फैक्टर और चुनौतियां
हालांकि यह फैसला राहत भरा है, लेकिन ग्लोबल मार्केट की मुश्किलें अभी कम नहीं हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कमोडिटी के अस्थिर दाम, बायोफ्यूल के नियम और डॉलर के मुकाबले कमजोर रुपया अभी भी बड़ी चुनौतियां हैं। निवेशकों को अब यह देखना होगा कि कंपनियां अपने मार्जिन और इनपुट कॉस्ट के बीच कैसा तालमेल बिठाती हैं।
